
लखनऊ, 16 जुलाई 2026:
सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने के लिए केवल कार्रवाई और छापेमारी पर्याप्त नहीं है। व्यापारियों और आम लोगों को सस्ता, सुलभ और व्यवहारिक विकल्प उपलब्ध कराना भी जरूरी है। यह बात गुरुवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और लखनऊ व्यापार मंडल के संयुक्त तत्वावधान में सिंगल यूज प्लास्टिक से पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों और उसके व्यवहारिक विकल्पों पर महत्वपूर्ण बैठक में उठी। यह बैठक उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. रविंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हुई।
बैठक में व्यापारियों ने स्पष्ट कहा कि प्लास्टिक पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सरकार, व्यापारी और आम नागरिकों को मिलकर काम करना होगा। लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने कहा कि बायोडिग्रेडेबल उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए उत्पादन इकाइयों को सब्सिडी, जीएसटी में रियायत और सस्ता कच्चा माल उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रतिबंधित प्लास्टिक के मामले में केवल विक्रेता ही नहीं बल्कि खरीदार की भी जवाबदेही तय हो।
अमरनाथ मिश्र ने जीएसटी विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम, खाद्य सुरक्षा विभाग, पुलिस और व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों की संयुक्त टीम गठित कर नियमित अभियान चलाने की मांग की। इसके साथ ही बाहर से आने वाली प्रतिबंधित सिंगल यूज पॉलिथीन पर पूरी तरह रोक लगाने का सुझाव दिया।
बैठक में व्यापारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के अनुभव भी साझा किए। वरिष्ठ महामंत्री जितेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि कम कीमत वाली प्लास्टिक की पानी की बोतलों और ठेला-रेहड़ी संचालकों के अत्यधिक इस्तेमाल से प्लास्टिक प्रदूषण बढ़ रहा है। महामंत्री सोमेश मिश्रा ने बताया कि चंद्रनगर आलमबाग व्यापार मंडल ने सिंगल यूज पॉलिथीन का पूर्ण बहिष्कार कर चाय कुल्हड़ में देना शुरू किया है।
ट्रांसगोमती एवं भूतनाथ व्यापार मंडल के अध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता ने बताया कि भूतनाथ बाजार में लगभग 99 प्रतिशत दुकानों पर सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद हो चुका है। वहीं, सुहैल हैदर अल्वी ने फर्नीचर पैकिंग में 75 माइक्रोन मानक के अनुरूप प्लास्टिक के इस्तेमाल की कोशिशों का जिक्र करते हुए उपयुक्त विकल्पों की कमी की ओर ध्यान दिलाया।

व्यापारियों ने कहा कि केवल बाजारों में औपचारिक छापेमारी के बजाय निर्माण इकाइयों पर भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इसके साथ ही कपड़े और जूट के थैलों को बढ़ावा देने, होर्डिंग-बैनर के जरिए जनजागरूकता अभियान चलाने और बायोडिग्रेडेबल पैकिंग को सस्ता बनाने पर जोर दिया गया।
डॉ. रविंद्र प्रताप सिंह ने आश्वासन दिया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अगले एक माह तक व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाएगा। विभिन्न विभागों और व्यापारिक संगठनों के साथ संयुक्त कार्ययोजना तैयार की जाएगी। बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक निर्माण इकाइयों, कच्चे माल की उपलब्धता और प्लास्टिक बोतलों के व्यवहारिक विकल्पों पर भी काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के साथ नियमित संवाद जारी रहेगा। बैठक में रविंद्र गुप्ता, रविंद्र यादव, सुशील तिवारी, मनीष गुप्ता, प्रियंक गुप्ता, मनजीत सिंह दुआ, अरविंद पाठक, बीकेटी परिक्षेत्र महामंत्री शशि शुक्ल, निखिल रस्तोगी, मनोज चौरसिया, नितिन जैन सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।






