
प्रयागराज, 16 जुलाई 2026:
सरकारी कार्यक्रमों में अक्सर लंबे काफिले और कड़े वीआईपी इंतजाम देखने को मिलते हैं, लेकिन गुरुवार को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का अंदाज कुछ अलग नजर आया। प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय, नैनी के 9वें दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए उन्होंने सड़क या विमान की बजाय वंदे भारत एक्सप्रेस से प्रयागराज का सफर किया। उनके साथ प्रदेश के उद्योग मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी भी मौजूद रहे।
चारबाग से वंदे भारत में हुईं रवाना
राज्यपाल लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन से वंदे भारत एक्सप्रेस में सुबह 10.30 पर सवार हुईं। वो दोपहर 1.10 पर प्रयागराज पहुंच गईं। इस बीच ट्रेन पर सवार होने के बाद रेल अफसरों ने उन्हें टिकट भी सौंपा। यात्रा के दौरान उन्होंने ट्रेन में बैठकर न्यूज पेपर पढ़ा और आसपास के लोगों से सामान्य माहौल में बातचीत भी की। सफर के दौरान विभिन्न समसामयिक विषयों पर भी चर्चा हुई।
सार्वजनिक परिवहन अपनाकर दिया संदेश
इस यात्रा को केवल एक सरकारी दौरे तक सीमित नहीं माना जा रहा है। राज्यपाल ने सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेन से यात्रा कर उन्होंने यह संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर जन परिवहन भी बेहतर विकल्प हो सकता है।

सीधे दीक्षांत समारोह में पहुंचीं
प्रयागराज पहुंचने के बाद राज्यपाल सीधे प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए रवाना हुईं। विश्वविद्यालय पहुंचने पर उन्होंने एनसीसी कैडेट्स के साथ फोटो खिंचवाई। समारोह को लेकर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। इसके बाद राज्यपाल ने एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम, आंगनबाड़ी किट वितरण कर राजकीय बालिका गृह का भी निरीक्षण किया। फिलहाल ट्रेन का सफर सामान्य यात्रियों की तरह बिताने की उनकी यह तस्वीर पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही।






