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वैश्य परिवार हत्याकांड : बेटे के दोस्त ने खेला था खूनी खेल… तीन कत्ल के बाद साथी को भी मार डाला

बेटे ने ही दोस्त के साथ मिलकर रची थी पूरे परिवार को खत्म करने की साजिश, जेवरों के बंटवारे में विवाद हुआ तो खुद भी जान गंवा बैठा, पुलिस ने आरोपी दोस्त को गिरफ्तार कर बरामद किए भारी मात्रा में गहने

प्रयागराज, 4 जून 2026:

प्रयागराज में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या से सनसनी फैलाने वाले मामले का पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार, परिवार के बेटे अभिषेक वैश्य और उसके दोस्त सनी गुप्ता ने मिलकर पहले माता-पिता और बहन की हत्या की साजिश रची थी। लेकिन वारदात के बाद लूटे गए जेवरों के बंटवारे को लेकर दोनों में विवाद हो गया, जिसके बाद सनी ने अभिषेक की भी हत्या कर दी।

मामला कोतवाली क्षेत्र के कीडगंज का है, जहां दो दिन से बंद पड़े मकान से बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी थी। घर का ताला तोड़कर पुलिस अंदर पहुंची तो वीरेन्द्र वैश्य, उनकी पत्नी अनीता वैश्य, बेटी मीनाक्षी वैश्य और बेटे अभिषेक वैश्य के शव बरामद हुए। चार-चार लाशें मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था।

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बेटा अभिषेक

जांच के दौरान पुलिस को शुरुआत में शक अभिषेक पर गया। वजह यह थी कि परिवार के सदस्यों के शवों पर डिटर्जेंट और टॉयलेट क्लीनर डाला गया था तथा घटनास्थल से अभिषेक की खून से सनी टी-शर्ट भी मिली थी। जानकारी सामने आई कि अभिषेक का अपने पिता से संपत्ति को लेकर विवाद चलता था और उसे बेदखल भी किया जा चुका था।

इसी बीच घर और नीचे स्थित दुकानों की बारीकी से तलाशी ली गई। अभिषेक की दुकान का ताला तोड़ने पर उसका शव भी अंदर मिला। इसके बाद जांच की दिशा ही बदल गई। सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से पुलिस को एक अहम सुराग मिला। कैमरों में एक व्यक्ति मृतक वीरेन्द्र वैश्य के कपड़े और जूते पहनकर कॉम्प्लेक्स से बाहर जाता दिखाई दिया। स्थानीय लोगों से पूछताछ में उसकी पहचान सनी गुप्ता के रूप में हुई।

पुलिस ने सनी गुप्ता को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने चौंकाने वाला खुलासा किया। आरोपी के मुताबिक, उसकी दोस्ती अभिषेक वैश्य से थी। अभिषेक कर्ज में डूबा हुआ था और पिता से नाराज रहता था। दोनों ने मिलकर परिवार के लोगों की हत्या कर जेवर लूटने की योजना बनाई।

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आरोपी दोस्त सनी गुप्ता

31 मई की शाम जब मीनाक्षी दुकान खोलने नीचे आई तो उस पर हमला कर दिया गया। इसके बाद दोनों ऊपर पहुंचे और वीरेन्द्र वैश्य तथा उनकी पत्नी की भी हत्या कर दी। वारदात के बाद अलमारी से जेवर निकाले गए और मामले को भटकाने के लिए एक संदेश लिखकर छोड़ने की कोशिश की गई, ताकि शक परिवार के दूसरे सदस्यों पर जाए।

पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद जब जेवरों के बंटवारे की बात आई तो सनी और अभिषेक के बीच विवाद हो गया। लालच में आकर सनी ने उसी लोहे के पाइप से अभिषेक की भी हत्या कर दी। आरोपी ने सबूत मिटाने के लिए शवों पर डिटर्जेंट, ब्लीचिंग पाउडर, टॉयलेट क्लीनर, हल्दी और सरसों का तेल तक डाल दिया। उसने गर्म पानी और डिटर्जेंट से सफाई भी की, ताकि फॉरेंसिक जांच में कोई सुराग न मिल सके। बाद में वह मृतक के कपड़े और जूते पहनकर वहां से निकल गया तथा लौटकर अपने छूटे हुए चप्पल भी उठा ले गया।

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे का पाइप बरामद कर लिया है। साथ ही एक किलो से अधिक सोने के जेवर, 360 ग्राम से ज्यादा चांदी के आभूषण और नकदी भी बरामद की गई है। चार हत्याओं से दहले इस मामले में पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया गया है।

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