लखनऊ, 4 जून 2026:
यूपी को सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सीएम योगी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2024 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। सरकार का मानना है कि बदलते औद्योगिक परिदृश्य, निवेशकों की अपेक्षाओं और अन्य राज्यों के साथ बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए नीति में बदलाव समय की आवश्यकता थी।
प्रदेश सरकार ने इन संशोधनों के माध्यम से नीति को अधिक निवेशक-अनुकूल और व्यावहारिक बनाया है। इससे देश-विदेश की बड़ी कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित किया जा सकेगा। संशोधित नीति को भारत सरकार के इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के अनुरूप तैयार किया गया है। इससे राज्य और केंद्र की योजनाओं के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित होगा।
मालूम हो कि उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2024 को 19 जनवरी 2024 को अधिसूचित किया गया था। यह अधिसूचना की तिथि से पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगी। कैबिनेट द्वारा स्वीकृत संशोधनों का उद्देश्य निवेश प्रक्रिया को सरल बनाना तथा उद्योगों को दीर्घकालिक स्थिरता प्रदान करना है।
नई व्यवस्था के तहत निवेशकों को परियोजना के वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने की तिथि से कम से कम तीन वर्षों तक उत्पादन संचालन जारी रखने की प्रतिबद्धता देनी होगी। इससे प्रदेश में स्थापित होने वाली इकाइयों की स्थिरता सुनिश्चित होगी और रोजगार सृजन को भी मजबूती मिलेगी।
सरकार का दावा है कि इन संशोधनों से राज्य पर किसी प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा जबकि निवेश आकर्षित करने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम प्रदेश को देश के उभरते सेमीकंडक्टर विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।






