प्रयागराज, 18 जून 2026:
प्रयागराज के मेजा इलाके में हुए ट्रिपल मर्डर केस में पुलिस ने मुख्य आरोपी हिमांशु यादव समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में उसका भाई, दो दोस्त और एक ग्राम प्रधान भी शामिल हैं। हिमांशु यादव ने पुलिस को बताया कि उसकी प्रेमिका ने शादी के लिए अपने ताऊ श्यामलाल गुप्ता को रास्ते से हटाने की बात कही थी। इसी के बाद उसने दोस्तों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
बता दें कि मेजा थाना क्षेत्र के कुकुरकटवा गांव में 16 जून की सुबह श्यामलाल गुप्ता, अमरावती और इंद्रावती के शव घर के बाहर खून से लथपथ मिले थे।
मौके पर जांच के दौरान पुलिस का ट्रैकर डॉग करीब 200 मीटर दूर एक संदिग्ध के घर तक पहुंचा। परिजनों के बयान व तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई शुरू की। मुख्य आरोपी व पड़ोसी युवक हिमांशु को मुठभेड़ के बाद पैर में गोली मारकर दबोच लिया जबकि उसके भाई अंकित ग्राम प्रधान गुड्डू यादव, दोस्त निहाल गौतम व राजन यादव को भी गिरफ्तार कर लिया।
बताया गया कि श्याम लाल गुप्ता पांच भाइयों में सबसे बड़े थे। वह घर पर ही किराने की दुकान चलाते थे। दो भाई दूधनाथ और मंजेश की मौत हो चुकी है। नेब्बू लाल बंगलूरू में और रामधनी परिवार के साथ राजस्थान में रहते हैं। गांव में श्याम लाल और उनकी मानसिक रूप से बीमार पत्नी फूलकली, नेब्बू लाल की पत्नी अमरावती, दूधनाथ की पत्नी इंद्रावती देवी एक साथ रहते थे। हिमांशु का प्रेम प्रसंग मंजेश की बेटी से चल रहा था।
पूछताछ में हिमांशु ने बताया कि उसकी प्रेमिका पिछले चार महीने से राजापुर गांव स्थित अपने मामा के घर रह रही थी। दोनों के बीच लगातार बातचीत होती थी। 13 जून को वह उससे मिलने राजापुर पहुंचा था। मुलाकात के दौरान उसने कहा कि जब तक उसका ताऊ श्यामलाल जिंदा रहेगा, दोनों की शादी नहीं हो पाएगी।
आरोपी के मुताबिक, इसी बातचीत के बाद उसने गांव के अपने भाई अंकित, दो दोस्तों निहाल गौतम और राजन यादव को योजना में शामिल कर लिया। 15 जून की रात करीब ढाई बजे वह अपने दोनों साथियों के साथ श्यामलाल के घर पहुंचा। उसके हाथ में लाठी थी। घर के बाहर चारपाई पर सो रहे श्यामलाल पर उसने ताबड़तोड़ वार किए। हमले के दौरान श्यामलाल की चीख सुनकर पास में सो रहीं उसके भाई की पत्नी अमरावती जाग गईं। पहचान उजागर होने के डर से उसने उनके सिर पर भी डंडे से हमला कर दिया। कुछ ही देर बाद सामने आईं इंद्रावती पर भी लाठियों से हमला किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई।

धमकियों की अनसुनी पर दरोगा सस्पेंड
बताया गया कि दबंग हिमांशु लगातार धमकी देता रहता था। इससे श्यामलाल का परिवार आतंक के साए में जी रहा था। हद तब हो गई जब कुछ समय पहले हिमांशु उसकी भतीजी को लेकर चला गया। मामले की शिकायत पुलिस चौकी व IGRS पोर्टल पर भी की गई थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं हुई। जांच में लापरवाही सामने आने के बाद चौकी में तैनात दरोगा रामविलास सिंह को निलंबित कर दिया गया है।






