लखनऊ, 4 जून 2026:
यूपी में भवन निर्माण और मानचित्र स्वीकृति से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही जटिलताओं को दूर करने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में जिला पंचायतों द्वारा पूर्व में स्वीकृत किए गए भवन मानचित्रों के विनियमतीकरण तथा महायोजना विहीन क्षेत्रों में मानचित्र स्वीकृति के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
सरकार के इस निर्णय से उन हजारों भू-स्वामियों, मकान निर्माताओं और नागरिकों को राहत मिलेगी जिनके भवन मानचित्रों की वैधता को लेकर विभिन्न स्तरों पर सवाल उठ रहे थे। अब विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में जिला पंचायतों द्वारा पहले से स्वीकृत मानचित्रों को विनियमित कर उनकी कानूनी स्थिति स्पष्ट की जाएगी। इससे अनिश्चितता और विवाद की स्थिति समाप्त होगी।
कैबिनेट के निर्णय के तहत ऐसे विकास क्षेत्र, विस्तारित विकास क्षेत्र और विनियमित क्षेत्र जहां अभी तक महायोजना तैयार नहीं हुई वहां भवन मानचित्र स्वीकृति के लिए एक स्पष्ट और मानकीकृत प्रक्रिया निर्धारित की जाएगी। इससे निर्माण कार्यों को नियमानुसार मंजूरी मिलने का रास्ता आसान होगा और विकास गतिविधियों में तेजी आएगी।
सरकार का कहना है कि नई एसओपी लागू होने से शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में सुनियोजित विकास को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुगमता सुनिश्चित होगी। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस व्यवस्था को लागू करने से राज्य सरकार पर किसी प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय भार भी नहीं पड़ेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय प्रशासनिक अस्पष्टताओं को दूर करने के साथ ही प्रदेश में निवेश और निर्माण गतिविधियों के लिए अधिक अनुकूल वातावरण तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।






