Uttarakhand

UPSC में मिली नाकामी, फिर फर्जी अफसर बनकर करने लगा ठगी, पूर्व मुख्य सचिव का बेटा गिरफ्तार

खुद को बताता था IPS अफसर व RAW एजेंट, नौकरी, सरकारी Tender, कंपनी Registration और सरकारी काम कराने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये ऐंठने का आरोप, पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी आईडी कार्ड, विजिटिंग कार्ड, वर्दियां, वायरलेस सेट और लैपटॉप बरामद किया, अब पूरे नेटवर्क और दूसरे पीड़ितों की भी जांच शुरू

योगेंद्र मलिक

देहरादून, 16 जुलाई 2026:

देहरादून पुलिस ने खुद को कभी IPS अधिकारी, कभी RAW एजेंट, कभी सेना का वरिष्ठ अफसर और कभी CRPF अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव एस. रामास्वामी के बेटे आर. यशोवर्धन (35) के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि वह फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर नौकरी दिलाने, सरकारी Tender पास कराने, कंपनी Registration कराने और दूसरे सरकारी काम कराने का झांसा देकर लोगों से मोटी रकम वसूलता था।

15 लाख रुपये की ठगी से खुला मामला

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राजपुर थाना पुलिस ने उसे मसूरी रोड स्थित सीएसआई तिराहे के पास चेकिंग के दौरान गिरफ्तार किया। एसएसपी के निर्देश पर बनाई गई विशेष टीम तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और दूसरे इनपुट के आधार पर उसे तलाश कर रही थी। इस पूरे मामले की शुरुआत 8 जुलाई को हुई, जब डाकरा बाजार निवासी अंशुल उपाध्याय ने राजपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक होटल जिंजर में मुलाकात के दौरान आरोपी ने खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताते हुए उनकी दिवंगत मां के नाम पर कंपनी का जल्द Registration कराने का भरोसा दिया। इसी बहाने उसने 15 लाख रुपये ले लिए। शिकायत के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।

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रक्षा मंत्रालय में नौकरी का झांसा देकर ठगे 4.60 लाख

जांच के दौरान एक और शिकायत सामने आई। 15 जुलाई को कैनाल रोड निवासी डॉ. अनुषा ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने खुद को IPS अधिकारी बताकर रक्षा मंत्रालय में Data Science Consultant की नौकरी दिलाने का वादा किया। भरोसा जीतने के लिए उसने फर्जी पहचान पत्र और विजिटिंग कार्ड भी दिखाए। इसके बाद उनसे 4.60 लाख रुपये ले लिए।

UPSC में सफलता नहीं मिली तो बना फर्जी अफसर

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका सपना IPS अधिकारी बनने का था। उसने कई साल तक UPSC की तैयारी की, लेकिन सफल नहीं हो सका। इसके बाद उसने फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को ठगने का रास्ता चुना। वह अलग-अलग विभागों की वर्दियां पहनता, प्रभावशाली अंदाज में बातचीत करता और नकली पहचान पत्रों के सहारे लोगों का भरोसा जीत लेता था। फिर नौकरी, Tender, कंपनी Registration और दूसरे सरकारी काम कराने के नाम पर रुपये वसूलता था।

फर्जी आईडी, वर्दियां और वायरलेस सेट बरामद

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से पांच फर्जी पहचान पत्र, आठ फर्जी विजिटिंग कार्ड, पुलिस और सेना से जुड़े 25 लोगो, सेना और अर्द्धसैनिक बलों की तीन जोड़ी वर्दियां, तीन फर्जी रिबन, एक वायरलेस सेट और एक लैपटॉप बरामद किया है। बरामद सामान की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि उसने अब तक कितने लोगों को इसी तरीके से ठगी का शिकार बनाया।

बैंक खाते और डिजिटल रिकॉर्ड भी खंगाले जाएंगे

पुलिस के मुताबिक दोनों मामलों की गहराई से जांच जारी है। आरोपी के बैंक खातों, डिजिटल उपकरणों, संपर्कों और पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। आशंका है कि उसने कई और लोगों से भी इसी तरह ठगी की है। पुलिस संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटाने में भी लगी है।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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