देहरादून, 2 जून 2026:
उत्तराखंड के चर्चित LUCC चिट फंड घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई से दो मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। सीबीआई का कहना है कि दोनों आरोपी निवेशकों से जुटाए गए पैसे के संग्रह, प्रबंधन और कथित हेराफेरी में अहम भूमिका निभा रहे थे।
सीबीआई ने बताया कि पंकज जैन उर्फ पंकज चौधरी व किशन जैन दोनों आरोपियों को एक जून को मुंबई से गिरफ्तार किया गया। उनकी गिरफ्तारी के लिए जांच टीम ने लंबे समय तक वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले, बैंक खातों की जांच की और कई राज्यों में जाकर सबूत जुटाए। ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद दोनों को देहरादून की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
यह मामला लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी (LUCC) से जुड़ा है। उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने नवंबर 2025 में इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। इससे पहले उत्तराखंड पुलिस की ओर से दर्ज 18 मुकदमों की जांच भी सीबीआई को सौंपी गई थी। जांच में सामने आया है कि उत्तराखंड के कई जिलों में लोगों को ज्यादा मुनाफे का लालच देकर निवेश कराया गया।
सीबीआई के मुताबिक, एक लाख से ज्यादा लोगों ने इन योजनाओं में पैसा लगाया था और कुल निवेश करीब 800 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। जांच एजेंसी का दावा है कि गिरफ्तार दोनों आरोपी इस पूरे नेटवर्क के अहम हिस्से थे। उनके खिलाफ मिले सबूत बताते हैं कि निवेशकों से जुटाए गए पैसे को इधर-उधर करने और उसके इस्तेमाल में उनकी सक्रिय भूमिका थी।
इससे पहले 12 और 13 मई को सीबीआई पांच अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें उत्तराखंड में LUCC के तीन वरिष्ठ प्रमोटर शामिल हैं, जो लोगों से पैसा जुटाने और शाखाओं का संचालन कर रहे थे। सभी आरोपी इस समय देहरादून की सुधोवाला जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।
सीबीआई ने जांच के दौरान आरोपियों की कई संपत्तियों का भी पता लगाया है, जिन्हें कथित तौर पर इस घोटाले से मिले पैसे से खरीदा गया था। एजेंसी ने इन संपत्तियों का ब्योरा उत्तराखंड सरकार को भेजते हुए उन्हें जब्त करने की प्रक्रिया शुरू करने और पीड़ित निवेशकों को राहत दिलाने की कार्रवाई का अनुरोध किया है।






