
लखनऊ, 20 जुलाई 2026:
योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री एवं सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर लगातार सपा और उसके मुखिया अखिलेश यादव पर हमलावर हैं। उन्होंने सोमवार को सपा प्रमुख पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक पोस्ट में राजभर ने आरोप लगाया कि चुनाव में हार सामने देखकर अखिलेश यादव की पूरी ‘गैंग’ गाली-गलौज और जातिवादी जहरीलेपन पर उतर आई है।
राजभर ने बिना नाम लिए मऊ के पूर्व सपा जिलाध्यक्ष और वर्तमान सांसद प्रतिनिधि पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राजभर और दलित समाज के खिलाफ खुलेआम अपशब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है। मां-बहन की गालियां दी जा रही हैं। राजभर ने अखिलेश यादव को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने लोगों को राजभर और दलित समाज के इतिहास और वीरता के बारे में बताएं।
सुभासपा अध्यक्ष ने महाराजा सुहेलदेव और महाराज चंवर सेन का उल्लेख करते हुए कहा कि राजभर और दलित समाज वीर योद्धाओं की परंपरा से आते हैं। उन्होंने 1857 की क्रांति के वीर योद्धा जीता चमार का जिक्र करते हुए कहा कि उनके शौर्य की गाथा इतिहास में दर्ज है। राजभर ने कहा कि किसी भी समाज को ‘पैरों की जूती’ या ‘कीड़े-मकोड़े’ समझने की मानसिकता बदलनी होगी।
अपने हमलावर अंदाज में राजभर ने कहा कि सोशल मीडिया पर रंगदारी वाले गानों के साथ नकली गुंडई दिखाने से कोई वीर नहीं बन जाता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनके समाज के लोगों को दोबारा गाली दी गई तो राजभर और दलित समाज सपा की ‘ईंट से ईंट बजा देंगे’। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि गाली देनी है तो ओमप्रकाश राजभर को दी जाए, किसी और को नहीं।
इससे एक दिन पहले भी राजभर ने अखिलेश यादव पर परिवारवाद को लेकर निशाना साधा था। उन्होंने भोजपुरी अंदाज में तंज कसते हुए कहा था कि अखिलेश यादव इस बार ‘सफाई अभियान’ चलाकर परिवारवाद का ठप्पा हटाने की सोच रहे हैं जबकि सबसे ज्यादा टिकटार्थी उनके अपने परिवार में ही हैं।
राजभर ने संकेतों में शिवपाल यादव और उनके बेटे आदित्य यादव को लेकर भी अखिलेश पर हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या अखिलेश अपने ‘चच्चा’ को टिकट से वंचित कर ‘सफाई अभियान’ की शुरुआत करेंगे। राजभर ने सपा प्रमुख को सलाह दी कि यदि परिवारवाद का ठप्पा हटाना है तो पूरे परिवार के टिकट काटकर कर्मठ समाजवादियों को मौका देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इस बार सैफई परिवार के कई नेता ‘भूतपूर्व’ विधायक और सांसद हो सकते हैं।






