
लखनऊ, 28 जुलाई 2026:
यूपी के कई जिलों में लंबे समय से बच्चों के लिए गंभीर चुनौती रही जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) और एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) जैसी बीमारियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सरकार ने अब स्वच्छ पेयजल को सबसे बड़ा हथियार बनाया है। सरकार ने इन बीमारियों से प्रभावित गांवों में हर घर तक नल से स्वच्छ पानी पहुंचाने का अभियान मिशन मोड में तेज कर दिया है।
प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन गांवों में अभी तक जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है, वहां 24 घंटे में तीन शिफ्टों में काम कर योजना पूरी की जाए जिससे किसी भी परिवार को सुरक्षित पेयजल के लिए इंतजार न करना पड़े।
राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन कार्यालय में जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता सिर्फ पाइपलाइन बिछाना नहीं अपितु हर घर तक गुणवत्तापूर्ण और नियमित पेयजल पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाएं तय समय-सीमा में पूरी हों और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही या कार्य में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पेयजल आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में अधिकारियों को गांव-गांव जाकर योजनाओं की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए। सिंगल विलेज पेयजल योजनाओं के लंबित कार्य जल्द पूरे करने के साथ पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि सड़क मरम्मत या निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जल जीवन मिशन के असर का जमीनी स्तर पर आकलन करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों से कहा गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि स्वच्छ पेयजल मिलने के बाद जलजनित बीमारियों में कितनी कमी आई है। ग्रामीणों के स्वास्थ्य एवं जीवन स्तर में क्या सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। इसके साथ ही लोगों को स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल के उपयोग और जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।
जलशक्ति मंत्री ने कहा कि जिन गांवों में नल से जलापूर्ति शुरू हो चुकी है वहां ‘जल अर्पण’ कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों को इस अभियान से जोड़ा जाए। साथ ही हर जिले में नियमित जल चौपाल आयोजित करने और जनप्रतिनिधियों को ‘जल सारथी’ ऐप तथा प्रगति पोर्टल के माध्यम से योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।






