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NEET-UG paper leak : 13 गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल, NTA को क्लीनचिट!

360 गवाह, 422 दस्तावेज और 43 अहम सबूत कोर्ट में पेश, CBI ने जांच में एनटीए के अधिकारियों की मिलीभगत के साक्ष्य न मिलने की बात कही

न्यूज डेस्क, 29 जुलाई 2026:

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई ने अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए विशेष अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार अदालत आज इस मामले पर सुनवाई कर सकती है। सीबीआई ने अब तक इस प्रकरण में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

सीबीआई के प्रवक्ता के मुताबिक आरोपपत्र में 360 गवाहों, 422 दस्तावेजों और 43 महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसी का कहना है कि इन साक्ष्यों के आधार पर प्रश्नपत्र लीक की पूरी साजिश और उसमें शामिल लोगों की भूमिका को अदालत के समक्ष रखा गया है।

चार्जशीट में यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रहलाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ. मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीष मंघारे और मनीषा संजय हवलदार को आरोपी बनाया गया है। जांच के दौरान सीबीआई ने दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर सहित कई शहरों में कार्रवाई कर शिक्षकों, छात्रों और अन्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया था।

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सीबीआई के अनुसार प्रश्नपत्र कथित तौर पर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के पैनल सदस्य एवं अनुवादक पीवी कुलकर्णी के माध्यम से लीक हुआ। जांच में दावा किया गया है कि कुलकर्णी से प्रश्नपत्र प्राप्त करने के बाद लातूर में कोचिंग संस्थान संचालित करने वाले शिवराज मोटेगांवकर तक इसे पहुंचाया गया।

एजेंसी का आरोप है कि अप्रैल 2026 में रसायन विज्ञान का प्रश्नपत्र आरोपी डॉ. मनोज भगवानराव शिरुरे द्वारा संचालित सिद्धिविनायक अस्पताल परिसर में मोटेगांवकर को उपलब्ध कराया गया। सीबीआई का कहना है कि परीक्षा से कई सप्ताह पहले इसी अस्पताल परिसर का उपयोग प्रश्नपत्र तक पहुंच सुनिश्चित करने और पूरी साजिश को अंजाम देने के लिए किया गया।
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हालांकि, इस बहुचर्चित मामले में सीबीआई ने अपनी जांच के दौरान राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को क्लीनचिट दी है। एजेंसी ने अदालत को बताया कि एनटीए के कामकाज और अधिकारियों की भूमिका की विस्तार से जांच की गई लेकिन किसी भी अधिकारी की वित्तीय या अन्य प्रकार की मिलीभगत अथवा विभागीय भ्रष्टाचार का कोई साक्ष्य नहीं मिला। इसके आधार पर सीबीआई ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक की साजिश में एनटीए की संस्थागत भूमिका सामने नहीं आई।

गौरतलब है कि प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद एनटीए ने गत 3 मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा को 12 मई को रद्द कर दिया था। इसके बाद देशभर के लाखों अभ्यर्थियों के लिए गत 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई थी। अब विशेष अदालत में दाखिल चार्जशीट के आधार पर मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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