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प्रकृति से जितना लें, उतना लौटाएं… सावन पर योगी की भावुक अपील, सेवा-स्वच्छता और जल संरक्षण का दिया मंत्र

सीएम बोले- इस पूरे माह को लोकमंगल और प्रकृति संरक्षण के जन अभियान के रूप में मनाएं, 20 हजार अमृत सरोवर, लखनऊ की सोसाइटी की 50 हजार लीटर जल पुनर्भरण पहल का किया उल्लेख

लखनऊ, 3 अगस्त 2026:

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सावन माह के अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम ‘योगी की पाती’ शीर्षक से भावनात्मक संदेश जारी करते हुए श्रावण को केवल धार्मिक आस्था का नहीं अपितु सेवा, स्वच्छता, जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और सामाजिक सहभागिता का पर्व बताया। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि इस पूरे माह को लोकमंगल और प्रकृति संरक्षण के जन अभियान के रूप में मनाएं।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में लिखा कि श्रावण माह लोकमंगल, श्रम-सम्मान और सामूहिकता का पावन पर्व है। यह प्रकृति के नवसृजन और अन्नदाता के परिश्रम के हरित समृद्धि में बदलने का समय है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में प्रकृति का यह नवोन्मेष भगवान शिव की आराधना से जुड़कर जीवन को संयम, सेवा और समरसता का मार्ग दिखाता है।

योगी आदित्यनाथ ने समुद्र मंथन के दौरान भगवान शिव द्वारा हलाहल विषपान को सृष्टि की रक्षा के लिए सर्वोच्च त्याग का प्रतीक बताते हुए कहा कि शिव को जल अर्पित करने की परंपरा उसी त्याग, कृतज्ञता और जनकल्याण की भावना का प्रतीक है। उन्होंने शिव के स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी जटाओं में गंगा, मस्तक पर चंद्रमा, कंठ का सर्प, नंदी और उनके गण प्रकृति के साथ सहअस्तित्व का संदेश देते हैं।

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मुख्यमंत्री ने श्रावण ऋतु के प्राकृतिक सौंदर्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ज्येष्ठ और आषाढ़ की तपिश के बाद जब सावन की फुहारें धरती को स्पर्श करती हैं तो हरियाली, नदियों का सौंदर्य और मयूर का नृत्य सृष्टि के उल्लास का प्रतीक बन जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में धान की रोपाई के बाद होने वाला सहभोज सामाजिक एकता और साझा संस्कृति का जीवंत उदाहरण है। शिवालयों में उमड़ने वाली श्रद्धा सेवा और स्वच्छता का वातावरण तैयार करती है।

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जल संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में लगभग 20 हजार अमृत सरोवर विकसित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और भूजल के अत्यधिक दोहन को देखते हुए जनभागीदारी बेहद जरूरी है। इसी क्रम में उन्होंने लखनऊ की एक आवासीय सोसाइटी की सराहना की जिसने आरओ और एयर कंडीशनर से प्रतिदिन निकलने वाले करीब 50 हजार लीटर पानी को रेन वाटर हार्वेस्टिंग से जोड़कर भूजल पुनर्भरण की प्रेरक पहल की है।

अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से हर बूंद का सम्मान, प्रत्येक पौधे का संरक्षण और प्रकृति से जितना लें उतना उसे लौटाने का संकल्प लेने की अपील करते हुए कहा कि यही श्रावण का वास्तविक संदेश और समृद्ध, सुरक्षित तथा विकसित उत्तर प्रदेश की मजबूत आधारशिला भी है।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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