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शमन की आड़ में अब नहीं बचेगा अवैध निर्माण! LDA का बड़ा एक्शन प्लान, एक हफ्ते में सील होंगे ऐसे भवन

रिश्वतखोरी में JE, सुपरवाइजर और बिचौलिये की गिरफ्तारी के बाद सख्त हुआ LDA, शमन के लिए आवेदन कर शुल्क-मानचित्र जमा नहीं करने वाले बिल्डरों पर होगी कार्रवाई, सही मामलों का भी तेजी से होगा निस्तारण

लखनऊ, 12 अगस्त 2026:

रिश्वतखोरी के मामले में अवर अभियंता (जेई), सुपरवाइजर और एक बिचौलिये की गिरफ्तारी के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने अवैध निर्माण के खिलाफ शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। अब नियमों के विपरीत निर्माण कराने वाले बिल्डर और भवन स्वामी सिर्फ शमन आवेदन की आड़ लेकर कार्रवाई से नहीं बच सकेंगे। एलडीए ने ऐसे मामलों को चिन्हित कर एक सप्ताह के भीतर अभियान चलाकर अवैध निर्माण सील करने के निर्देश दिए हैं।

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने शमन मामलों की जोनवार समीक्षा की। समीक्षा में सामने आया कि प्रवर्तन कार्रवाई शुरू होने के बाद कई बिल्डरों ने शमन मानचित्र के लिए ऑनलाइन आवेदन तो कर दिया लेकिन इसके बाद निर्धारित शुल्क जमा करने या सही तरीके से मानचित्र दाखिल करने में कोई रुचि नहीं दिखाई। अधिकारियों के बार-बार संपर्क करने के बावजूद कई भवन स्वामी लंबे समय से मामले को टालते रहे।

उपाध्यक्ष ने ऐसे सभी मामलों को तत्काल चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि एक सप्ताह के भीतर अभियान चलाकर ऐसे निर्माण कार्यों को सील किया जाए। इसके साथ ही विहित प्राधिकारी न्यायालय में प्रभावी पैरवी कर नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी सुनिश्चित कराई जाए।

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सही मामलों में राहत, नहीं होगी बेवजह देरी

समीक्षा के दौरान कुछ ऐसे मामले भी सामने आए जिनमें भवन स्वामी नियमानुसार एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) खरीदने और निर्धारित शुल्क जमा करने के लिए तैयार हैं। ऐसे मामलों में एलडीए उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को राहत देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो प्रकरण नियमों के दायरे में शमन योग्य हैं, उनका बिना अनावश्यक देरी के निस्तारण किया जाए और शमन मानचित्र जारी किया जाए, ताकि भवन स्वामियों को बेवजह परेशान न होना पड़े।

अब ऑनलाइन दर्ज होगी आपत्ति और सुझाव

भू-उपयोग परिवर्तन के मामलों में भी एलडीए प्रक्रिया को आसान करने जा रहा है। अभी समाचार माध्यमों में विज्ञापन प्रचारित कर लोगों से आपत्ति और सुझाव मांगे जाते हैं जिन्हें प्रार्थना पत्र के जरिए दर्ज किया जाता है। निर्धारित अवधि के बाद इन आपत्तियों के संकलन में पत्रावली कई पटलों से गुजरती है। इससे प्रक्रिया में अनावश्यक समय लगता है।

अब एलडीए की वेबसाइट के माध्यम से लोग ऑनलाइन आपत्ति-सुझाव दर्ज कर सकेंगे। इसमें टिप्पणी के साथ संबंधित दस्तावेज भी अपलोड करने की सुविधा मिलेगी। इससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी। इसके साथ ही आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया भी अधिक तेज और पारदर्शी होने की उम्मीद है।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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