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Mayawati ने अंटू मिश्रा की विदाई का खोला राज, बोलीं- निजी स्वार्थ वालों ने पार्टी को पहुंचाया नुकसान

ब्राह्मण समाज को मायावती का भरोसा- 2007 की तरह मिलेगा सम्मान और भागीदारी, बोलीं, अब दलित समाज को संभालनी होगी सर्वसमाज आधारित BSP को मजबूत करने की जिम्मेदारी

लखनऊ, 14 अगस्त 2026:

बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो एवं पूर्व सीएम मायावती ने पूर्व मंत्री अनंत कुमार मिश्रा उर्फ अंटू मिश्रा को पार्टी से बाहर किए जाने के बाद शुक्रवार को इसके पीछे की वजहों पर खुलकर बात की। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र के करीबी माने जाने वाले अंटू मिश्रा की विदाई के बाद मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लंबा पोस्ट जारी कर पार्टी की नीति, ब्राह्मण समाज की भूमिका और नेताओं के निजी स्वार्थ पर निशाना साधा।

मायावती ने कहा कि BSP किसी व्यक्ति विशेष के बजाय बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान की मूल भावना और ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की नीति पर चलने वाली पार्टी है। उनके मुताबिक पार्टी में नेताओं से अधिक महत्व उन अम्बेडकरवादी कार्यकर्ताओं का है जो तन-मन-धन से संगठन और मिशन के लिए समर्पित हैं। उन्होंने इसे कांशीराम द्वारा स्थापित परंपरा से भी जोड़ा।

निजी स्वार्थ के लिए पार्टी का इस्तेमाल करने वालों पर कार्रवाई

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BSP प्रमुख ने बिना किसी एक नेता का नाम लिए कहा कि ब्राह्मण समाज समेत विभिन्न समाजों के जिन लोगों को पार्टी से निकाला गया या जो निजी स्वार्थ के चलते दूसरी पार्टियों में चले गए, उनका आकलन उनके काम के आधार पर किया जाना चाहिए। मायावती का आरोप है कि ऐसे कई लोगों ने BSP सरकार के दौरान अपने और परिवार के हितों के लिए पार्टी से अधिक लाभ उठाया लेकिन समाज और संगठन के विस्तार में अपेक्षित भूमिका नहीं निभाई।

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उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की निष्क्रियता का नुकसान पिछले कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों में BSP को उठाना पड़ा। हालांकि पार्टी में लंबे समय से ईमानदार और निष्ठावान वरिष्ठ नेता लगातार नए, कर्मठ और खासकर युवा कार्यकर्ताओं को तैयार कर रहे हैं। मायावती ने उम्मीद जताई कि नए और पुराने कार्यकर्ता साफ-सुथरी तथा मिशनरी मानसिकता के साथ पार्टी को मजबूत करेंगे।

ब्राह्मण समाज को दिया बड़ा भरोसा

मायावती ने ब्राह्मण समाज से BSP के साथ मजबूती से जुड़े रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि चुनावों में तैयारी और क्षमता के आधार पर ब्राह्मण समाज को उम्मीदवार बनाने में भागीदारी दी जाएगी। सरकार बनने पर 2007 की तरह ब्राह्मणों सहित सर्वसमाज को उचित मान-सम्मान देने का भरोसा भी उन्होंने दोहराया।

दलित समाज को निभानी होगी ये विशेष भूमिका

मायावती ने कहा कि सर्वसमाज आधारित BSP को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में अब विशेष भूमिका दलित समाज को निभानी होगी। उन्होंने पार्टी की संगठनात्मक संरचना को ‘सर्वसमाज के हसीन गुलदस्ते’ से जोड़ते हुए संकेत दिया कि BSP अपने पुराने सामाजिक गठजोड़ को नए कार्यकर्ताओं और नई राजनीतिक रणनीति के साथ फिर मजबूत करने की कोशिश में है।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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