लखनऊ, 24 जून 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के अलीगंज में पुरनिया चौराहे के पास बहुमंजिला इमारत में हुए भीषण अग्निकांड में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत के बाद अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है। घटना के बाद निलंबित किए गए अग्निशमन विभाग के फायर स्टेशन सेकेंड ऑफिसर (FSSO) कमलेंद्र कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुली चिट्ठी लिखकर अपने खिलाफ हुई कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूरी जिम्मेदारी मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) पर तय करने की मांग की है।
अपने पत्र में कमलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि 22 जून को हुई इस भयावह घटना ने पूरे प्रदेश को शोक और आक्रोश में डुबो दिया लेकिन उनके जैसे छोटे स्तर के अधिकारी को जिम्मेदार ठहराना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एफएसएसओ का कार्यक्षेत्र केवल स्थानीय निरीक्षण और रिपोर्टिंग तक सीमित होता है। भवनों को फायर क्लियरेंस देने अथवा बड़े स्तर पर सुरक्षा मानकों को लागू करने का अधिकार उनके पास नहीं होता।

उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे शहर की फायर सेफ्टी व्यवस्था और भवनों को फायर एनओसी जारी करने की जिम्मेदारी सीएफओ की होती है। जिस इमारत को आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत किया गया था, उसका वर्षों से व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। यह तथ्य संबंधित अधिकारियों, विशेष रूप से सीएफओ के संज्ञान में होना चाहिए था।
निलंबित अधिकारी ने यह भी दावा किया कि आग लगने के बाद राहत एवं बचाव कार्य में हुई देरी तथा विभागीय समन्वय की कमी सीएफओ स्तर की गंभीर लापरवाही को दर्शाती है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई पर पुनर्विचार किया जाए। घटना की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो तथा पीड़ित परिवारों को शीघ्र न्याय और उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। यह खुली चिट्ठी सामने आने के बाद अग्निकांड की जिम्मेदारी को लेकर बहस और तेज हो गई है।






