
न्यूज डेस्क, 14 अगस्त 2026:
स्टैंडअप कॉमेडियन समय रैना को ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ विवाद में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली। भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने समय रैना समेत पांच लोगों के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकी और उनसे जुड़ी आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी। अदालत ने यह राहत दिव्यांग व्यक्तियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और धन जुटाने की दिशा में किए गए उनके प्रयासों को देखते हुए दी।
समय रैना के अलावा विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर उर्फ सोनाली आदित्य देसाई और निशांत जगदीश तंवर के खिलाफ दर्ज मामले भी खत्म कर दिए गए। पीठ ने कहा कि आरोपियों ने अदालत के निर्देशों के अनुरूप दिव्यांग व्यक्तियों के लिए काम करने के ‘ईमानदार प्रयास’ किए हैं। अदालत ने टिप्पणी की कि जब ईमानदार प्रयास किए जाते हैं तो सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं और ये युवा प्रतिभाशाली हैं।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने पूरे विवाद को यहीं खत्म नहीं किया है। पीठ अब इस व्यापक सवाल पर सुनवाई करेगी कि दिव्यांग व्यक्तियों से जुड़े आपत्तिजनक या असंवेदनशील कंटेंट पर बेहतर नियंत्रण कैसे सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए अदालत संबंधित पक्षों से सुझाव लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश तय करेगी।
यह मामला ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के उस एपिसोड से जुड़ा है, जिसे नवंबर 2024 को मुंबई के खार हैबिटेट में शूट किया गया था। एपिसोड में दिव्यांग व्यक्तियों को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद कई लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हुए थे। क्योर एसएमए इंडिया फाउंडेशन की याचिका में समय रैना पर स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी के इलाज की ऊंची लागत को लेकर असंवेदनशील टिप्पणी करने और दिव्यांग व्यक्ति का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया गया था।
पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना समेत पांच लोगों पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया था और कहा था कि सुधार के लिए दिए गए आश्वासनों का पालन न कर उन्होंने अदालत को गुमराह किया। वहीं, इसी विवाद में जो नाम सामने आए उनमें यूट्यूबर और उद्यमी रणवीर इलाहाबादिया की याचिका अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। अदालत उन्हें पहले ही गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण दे चुकी है।






