लखनऊ, 15 अगस्त 2026:
यूपी में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच पनीर कारोबार से जुड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की विशेष टीमों ने गाजियाबाद, मथुरा और सहारनपुर में दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थ निर्माण इकाइयों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की। जांच के दौरान पनीर निर्माण में औद्योगिक प्रयोग के रसायनों के साथ पामोलिन ऑयल और रिफाइंड वेजिटेबल ऑयल के इस्तेमाल के मामले सामने आए। अस्वास्थ्यकर और अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों का निर्माण भी पाया गया।
खाद्य पदार्थों में मिलावट की सूचनाओं पर आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने 24 विशेष प्रवर्तन टीमों का गठन किया था। टीमों ने तीनों जिलों की प्रमुख दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थ निर्माण इकाइयों का अचानक निरीक्षण किया। अभियान में 25 विनिर्माण इकाइयों पर कार्रवाई की गई, जबकि तीन इकाइयां नॉन-ऑपरेशनल मिलीं।
नष्ट कराया 7,686 किलो खाद्य पदार्थ
निरीक्षण के दौरान टीमों ने कच्चे माल, तैयार उत्पाद और निर्माण प्रक्रिया की बारीकी से जांच की। अनियमितता मिलने पर खाद्य सामग्री को मौके पर नष्ट कराया गया और अपमिश्रकों को जब्त कर लिया गया। अस्वास्थ्यकर एवं अस्वच्छ परिस्थितियों में निर्मित 7,686 किलोग्राम खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये है।

2,131 किलोग्राम खाद्य सामग्री हुई जब्त
इसके अलावा 2,131 किलोग्राम खाद्य सामग्री एवं अपमिश्रक जब्त किए गए। इनकी अनुमानित कीमत करीब 4.75 लाख रुपये बताई गई है। यानी अभियान में कुल 9,817 किलोग्राम खाद्य सामग्री एवं अपमिश्रकों के खिलाफ कार्रवाई हुई। अभियान के दौरान कुल 72 खाद्य नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद यदि इनमें मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
गंभीर मामलों में छह FIR, सरकारी कार्य में बाधा डालने का भी मामला
पनीर निर्माण में औद्योगिक रसायन, पामोलिन ऑयल और रिफाइंड वेजिटेबल ऑयल के इस्तेमाल तथा अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य निर्माण से जुड़े पांच मामलों में FIR दर्ज कराई गई। सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में भी एक FIR हुई। गाजियाबाद में तीन और मथुरा में दो प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जबकि सहारनपुर में भी संबंधित अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर निगरानी आगे भी जारी रहेगी। खासकर रोजमर्रा में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाले पनीर में मिलावट और अस्वच्छ निर्माण करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।






