Uttarakhand

उत्तराखंड में सड़क हादसे रोकने की बनी प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट से बस अड्डों तक का होगा ऑडिट

सड़क सुरक्षा को लेकर हुई अनुश्रवण समिति की बैठक, मुख्य सचिव ने दुर्घटनाओं में कमी लाने को प्रभावी कार्रवाई के दिए निर्देश, कारणों का वैज्ञानिक ढंग से विश्लेषण व तकनीकी कमियों पर विशेष ध्यान देने को कहा

देहरादून, 19 अगस्त 2026ः

उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में बुधवार को सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित अनुश्रवण समिति की बैठक हुई। इसमें प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति, सड़क सुरक्षा उपायों, ब्लैक स्पॉट के सुधार सहित जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा समितियों की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ प्रभावी व समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि दुर्घटनाओं के कारणों का वैज्ञानिक ढंग से विश्लेषण किया जाए। उन्होंने सड़क की डिजाइन, रोड ज्योमेट्रिक्स और अन्य तकनीकी कमियों पर विशेष ध्यान दिए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर सड़क की स्थिति या डिजाइन के कारण दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ रही है, वहां सम्बन्धित अधिकारियों से समन्वय कर सुधार किया जाए। उन्होंने रोड सेफ्टी ऑडिट को प्राथमिकता देने की बात कही। कहा कि बस अड्डों का भी टीम गठित कर नियमित ऑडिट कराया जाए। ऑडिट में प्राप्त सुझावों को गंभीरता से लेते हुए सुधार करने के उपायों को लागू किया जाए।

उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन किया जाए। साथ ही उन्होंने दो पहिया वाहन चालकों एवं सवारियों के लिए हेलमेट के अनिवार्य उपयोग को प्रभावी रूप से लागू करने और यातायात नियमों का पालन न करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा। आनन्द बर्द्धन ने पर्वतीय मार्गों पर सुरक्षा की दृष्टि से बांस के वृक्षों व क्रैश बैरियर/पैराफिट आदि के सम्बन्ध में हुई कार्रवाई की जानकारी भी ली। साथ ही अन्य राज्यों में अपनाई जा रही बेहतर सड़क सुरक्षा व्यवस्थाओं का अध्ययन कर उन्हें उत्तराखंड में लागू करने की संभावनाओं पर भी विचार करने के निर्देश दिए गए।

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मुख्य सचिव ने ब्लैक स्पॉट व दुर्घटना संभावित स्थलों का रोड सेफ्टी एवं थर्ड पार्टी ऑडिट कराने और ऑडिट के सुझावों के आधार पर सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए सेंसिटाइजेशन कैंप आयोजित करने को कहा। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद रेस्क्यू आदि कार्यों के सेंसिटाइजेशन के लिए पुलिस, स्वास्थ्य एवं परिवहन विभाग की संयुक्त वर्कशॉप आयोजित की जाए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखते हुए प्रत्येक दो-तीन माह में अभियान मोड में व्यापक स्तर पर संचालित किया जाए। इसके लिए प्रचार-प्रसार का वार्षिक प्लान तैयार किया जाए।

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उन्होंने राहवीर योजना का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि हिट एंड रन के लंबित मामलों की सूची सम्बन्धित डीएम को उपलब्ध कराई जाए। मुख्य सचिव ने सड़क सुरक्षा जागरूकता फिल्मों का स्थानीय सिनेमाघरों में प्रदर्शन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जागरूकता गतिविधियों के लिए विभागों द्वारा वर्षभर का समेकित प्रचार-प्रसार कैलेंडर तैयार किया जाए। मुख्य सचिव ने ब्लैक स्पॉट के सुधार कार्यों में तेजी लाते हुए निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने शेष ब्लैक स्पॉट पर भी ठोस एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग एवं परिवहन विभाग के समन्वय से विद्यालयों में सड़क सुरक्षा क्लबों की स्थापना व उन्हें सक्रिय रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों में विभागीय तालमेल, नियमित अनुश्रवण और एक्शन टेकन रिपोर्ट की नियमित रिपोर्टिंग की जाए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए केवल प्रवर्तन ही नहीं, बल्कि सड़क की इंजीनियरिंग, वाहन एवं चालक व्यवहार, जन-जागरूकता और त्वरित उपचार सभी पहलुओं पर एक साथ काम किया जाना आवश्यक है।

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Anurag Chaturvedi

अनुराग चतुर्वेदी पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता, लेखन और संपादन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए खबरों को निष्पक्षता और गहराई के साथ जनता के सामने रखा है।

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