
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 27 सितंबर 2026ः
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस के हमलों के बीच सीएम पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्य सेवक सदन में मीडिया से बातचीत में विपक्ष पर करारा पलटवार किया। उन्होंने चुनाव आयोग के आधिकारिक स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए कहा कि आयोग के अंतिम निर्णयों को किसी आंतरिक टिप्पणी या आपत्ति के आधार पर विवादित बताना तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करना है। सीएम ने दो टूक कहा, ‘तथ्य हेडलाइन से नहीं, पूरी फाइल और अंतिम संस्थागत निर्णय से तय होते हैं।’ धामी ने कहा कि 26 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की पूर्ण आयोग की बैठक हुई। बैठक के बाद जारी नोट को पूरे आयोग की मंजूरी प्राप्त है।
सीएम ने कहा कि 24 जून 2025 को जारी SIR का मूल आदेश पूरे आयोग की सर्वसम्मति से हुआ था। इसके बाद 12 और फिर 19 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के लिए जारी SIR कार्यक्रम को भी सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। ऐसे में किसी आंतरिक टिप्पणी को संस्थागत मतभेद या टूट के तौर पर पेश करना उचित नहीं है। धामी ने SIR से जुड़े Form-6, unmapped और logical discrepancy वाले मतदाताओं की प्रक्रिया पर भी आयोग के स्पष्टीकरण का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में BLO घर जाकर दस्तावेज प्राप्त करेंगे। रैन बसेरों में रहने वाले लोगों, श्रमिकों, गरीब और बेघर नागरिकों के लिए हेल्प डेस्क व विशेष शिविर लगाए जाएंगे। ECINet को लेकर स्वतंत्र तकनीकी समीक्षा की व्यवस्था का भी उन्होंने उल्लेख किया।
‘संस्थाओं को राजनीतिक ढाल न बनाए कांग्रेस’
धामी ने कांग्रेस पर राजनीतिक कमजोरी छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं को मुद्दा बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना जरूरी है, लेकिन किसी इंटरनल नोट को अंतिम फैसला और किसी आपत्ति को संस्थागत संकट के रूप में पेश करना लोकतांत्रिक विमर्श को भ्रमित करता है।
नकल माफिया पर सीधा वार
राहुल गांधी के नकल माफिया संबंधी आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नकल के मामलों में कार्रवाई हुई है और सरकार के अनुसार 100 से अधिक आरोपियों को जेल भेजा गया। उन्होंने सख्त नकल विरोधी कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई।
जमीन के आरोपों पर ‘प्रमाण दिखाएं’
जमीन के आरोपों पर धामी ने कांग्रेस से प्रमाण सार्वजनिक करने को कहा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार या किसी सरकारी संस्था द्वारा नियमों के विरुद्ध जमीन बेचने या दिए जाने का कोई प्रमाण है तो उसे सामने लाया जाए। हल्द्वानी प्रकरण पर उन्होंने जातीय आधार पर राजनीति से बचने और तथ्यों के आधार पर बात करने की अपील की। राजनीतिक बयानबाजी में भाषा और मर्यादा का मुद्दा उठाते हुए सीएम ने कहा कि दिवंगत व्यक्तियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े लोगों के संदर्भ में सार्वजनिक विमर्श में सम्मान और संवेदनशीलता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान और सह प्रभारी राजेंद्र नेगी मौजूद रहे।






