Delhi

उत्तराखंड के विकास मॉडल पर धामी का फोकस, कुंभ का न्योता देकर गिनाईं प्राथमिकताएं

UCC, रोजगार, निवेश, पर्यटन, AI व कनेक्टिविटी को बताया विकास की अगली दिशा, 2027 हरिद्वार कुंभ के लिए देशवासियों को दिया न्योता, दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के विकास मॉडल पर रखी बात

नई दिल्ली, 22 अगस्त 2026:

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में उत्तराखंड के विकास मॉडल को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं सामने रखीं। उन्होंने समान नागरिक संहिता, सुशासन, रोजगार, निवेश, पर्यटन, सीमांत क्षेत्रों के विकास, Innovation, Artificial Intelligence व Infrastructure को राज्य की विकास यात्रा का अहम हिस्सा बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड विकास के साथ पर्यावरण के संतुलन पर ध्यान देते हुए देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने समान नागरिक संहिता को राज्य में सुशासन व समान अधिकारों की दिशा में बड़ा कदम बताया। उनके मुताबिक UCC लागू होने के बाद महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों के अधिकारों को मजबूती मिली है।

SDG रैंकिंग का किया जिक्र

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धामी ने नीति आयोग की SDG Ranking का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तराखंड ने इसमें शीर्ष स्थान हासिल किया है। पर्वतीय व पूर्वोत्तर राज्यों की श्रेणी में भी निवेश के लिए बेहतर नीतिगत माहौल तैयार करने की दिशा में राज्य को आगे बताया। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश युवाओं के लिए रोजगार व स्वरोजगार के नए रास्ते खोलने की है, साथ ही विकास का फायदा समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर फोकस है।

शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का दावा

मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में किए गए बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज्य में मदरसा बोर्ड को खत्म कर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की व्यवस्था की गई है, जिसमें सभी वर्गों को शामिल किया गया है। सरकार का मकसद हर बच्चे को समान व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि मानकों के मुताबिक संचालित नहीं हो रहे 250 से ज्यादा मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने पर सरकार का फोकस है।

सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने का अभियान

धामी ने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के जरिए सरकारी जमीन को सुरक्षित रखने के साथ सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण पर काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने 2023 के Global Investors Summit को उत्तराखंड की औद्योगिक पहचान में बदलाव लाने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि समिट में 50 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। सरकार ने निवेश प्रस्तावों को सिर्फ MoU तक सीमित रखने के बजाय उन्हें जमीन पर उतारने के लिए नीतिगत व प्रशासनिक स्तर पर तैयारी की। धामी के मुताबिक निवेशकों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने के मकसद से राज्य में 30 से ज्यादा नई नीतियां बनाई गई हैं। इनका असर निवेश प्रस्तावों की Grounding के रूप में दिखाई दे रहा है।

रेल से लेकर एयर कनेक्टिविटी तक फोकस

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में सड़क, रेल व रोपवे Connectivity को मजबूत करने की योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। करीब 125 किलोमीटर लंबी यह परियोजना चारधाम यात्रा के साथ पर्वतीय क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों के लिए भी अहम होगी। Delhi-Dehradun Economic Corridor का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे राष्ट्रीय राजधानी से देहरादून की यात्रा का समय कम हुआ है। देहरादून से देश के प्रमुख शहरों के लिए 50 से ज्यादा हवाई सेवाएं उपलब्ध होने की बात भी उन्होंने कही।

पंतनगर में Greenfield Airport पर नजर

धामी ने हरिद्वार को राज्य के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल बताया। ऊधमसिंह नगर के पंतनगर को कृषि के साथ Industrial Hub के तौर पर विकसित होने की बात कही। पंतनगर में प्रस्तावित Greenfield Airport को उन्होंने औद्योगिक व Logistics Development के लिहाज से अहम बताया।

चारधाम से Winter Tourism तक बढ़ा फोकस

पर्यटन को राज्य की अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार बताते हुए मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा व आदि कैलाश का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के पहले चरण में ही 47 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। कांवड़ यात्रा में करीब 4.80 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की बात भी उन्होंने रखी। धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आदि कैलाश यात्रा के बाद इस क्षेत्र में पर्यटकों व श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इसका असर सीमांत क्षेत्रों की स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ा है।

सर्दियों में भी पहाड़ों में रोजगार का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पर्यटन को किसी एक मौसम तक सीमित नहीं रखना चाहती। धार्मिक व आध्यात्मिक पर्यटन के साथ Adventure Tourism व Winter Tourism को बढ़ावा दिया जा रहा है। हर्षिल-मुखवा जैसे इलाकों को सर्दियों के नए Tourism Destinations के तौर पर विकसित करने पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि Winter Tourism बढ़ने से Homestay, ढाबे, छोटे होटल, Transport, Local Products समेत कई क्षेत्रों में रोजगार के मौके बढ़ रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि सर्दियों में भी पहाड़ों में आर्थिक गतिविधियां जारी रहें, जिससे लोगों को रोजगार के लिए गांव छोड़कर नीचे जाने की जरूरत कम हो।

सीमांत गांवों को First Village बनाने की योजना

आदि कैलाश क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों का जिक्र करते हुए धामी ने कहा कि सीमांत इलाकों में पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इसी सोच के तहत सीमांत गांवों को First Village की अवधारणा के मुताबिक विकसित किया जा रहा है। इन गांवों में सड़क व दूसरी बुनियादी सुविधाओं, Connectivity, Tourism व आजीविका के अवसर बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है।

AI व Innovation पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड भविष्य की अर्थव्यवस्था को देखते हुए Innovation, Artificial Intelligence, Science व Technology के क्षेत्र में भी काम कर रहा है। राज्य में Innovation Policy लागू की गई है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में AI, विज्ञान व तकनीक के क्षेत्र में आगे रहने वाले राज्य ही नई अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभाएंगे। इसी वजह से आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को अलग-अलग क्षेत्रों में बढ़ावा देने पर फोकस किया जा रहा है।

उद्योगों के लिए Infrastructure पर जोर

धामी ने कहा कि उद्योगों के विस्तार के लिए बेहतर Law and Order, निर्बाध बिजली आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाओं पर काम किया जा रहा है। सरकार की कोशिश निवेशकों को बेहतर माहौल देने के साथ नए उद्योगों के जरिए स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की है।

जनवरी 2027 के हरिद्वार कुंभ का न्योता

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जनवरी 2027 में होने वाले हरिद्वार कुंभ की तैयारियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार कुंभ को देखते हुए जरूरी Infrastructure को मजबूत कर रही है। धामी ने देशवासियों समेत कार्यक्रम में मौजूद लोगों को जनवरी 2027 के हरिद्वार कुंभ में शामिल होने का न्योता दिया।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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