
लखनऊ, 22 अगस्त 2026:
यूपी विधानसभा चुनाव की आहट के बीच प्रदेश की सियासत में बयानबाजी का पारा चढ़ने लगा है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने शनिवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर बेहद तीखा हमला बोला। उन्होंने राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) और उसके नेता को लेकर अखिलेश यादव के ‘चवन्नी से रुपया बना दिया’ वाले बयान को अमर्यादित, अशोभनीय और शर्मनाक करार दिया। मायावती ने कहा कि इस बयान के लिए अखिलेश यादव को न सिर्फ रालोद और उसके नेता से बल्कि चौधरी चरण सिंह के परिवार का अपमान करने के लिए पूरे जाट समाज से भी माफी मांगनी चाहिए।
मायावती ने अपने X पोस्ट में सपा के राजनीतिक चरित्र और गठबंधन की राजनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा का व्यवहार अपने विरोधी दलों के साथ ही अपने सहयोगी पार्टियों के साथ भी राजनीतिक संकीर्णता और जातिवादी द्वेष से प्रभावित रहा है। मायावती के मुताबिक इसका फायदा कई मौकों पर भाजपा को मिला और सेक्युलर ताकतें कमजोर हुईं।

लखनऊ के स्टेट गेस्ट हाउस कांड का फिर किया उल्लेख
बसपा प्रमुख ने सपा-बसपा के पुराने रिश्तों का जिक्र करते हुए 1993 के गठबंधन और उसके बाद हुए घटनाक्रम को भी याद किया। उन्होंने कहा कि सपा-बसपा गठबंधन टूटने के बाद 2 जून 1995 को लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस कांड हुआ जिसे उन्होंने अपने खिलाफ हत्या की साजिश बताया।
मायावती ने आगे अखिलेश यादव के नेतृत्व में 2019 के लोकसभा चुनाव में बने सपा-बसपा गठबंधन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं आने के बाद सपा का रवैया बदल गया और गठबंधन टूट गया। मायावती ने आरोप लगाया कि बसपा अपने आत्मसम्मान और ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की नीति से समझौता नहीं कर सकती।
सपा पर लगाया गठबंधन की राजनीति में अवसरवाद का आरोप
अपने हमले को आगे बढ़ाते हुए मायावती ने सपा पर गठबंधन की राजनीति में अवसरवाद का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सपा अपना काम निकलने तक गठबंधन करती है और उसके बाद ‘गिरगिट की तरह रंग बदल लेती है’ तथा सहयोगियों के खिलाफ अनाप-शनाप भाषा का इस्तेमाल करती है।
अखिलेश के PDA फॉर्मूले पर भी साधा निशाना
मायावती ने अखिलेश के PDA फॉर्मूले पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘P’ को कभी पिछड़ा वर्ग तो कभी पंडितों के हित से जोड़कर पेश किया जाता है जबकि सपा की सरकारों में दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और खासकर ब्राह्मण समाज के हितों की अनदेखी हुई।
सपा से सावधान रहने की वोटरों से अपील
बसपा सुप्रीमो ने आगामी विधानसभा चुनाव में मतदाताओं से सपा से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा कि सर्वसमाज के हित में सपा को सत्ता में आने से रोकना जरूरी है। चुनाव से पहले मायावती के इस हमले ने यूपी की विपक्षी राजनीति में नए सियासी टकराव के संकेत दे दिए हैं।






