लखनऊ, 24 अप्रैल 2026:
राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शुक्रवार को ‘रश्मिरथी पर्व’ का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की 52वीं पुण्यतिथि पर आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन किया और ‘रश्मिरथी से संवाद’ स्मारिका का विमोचन किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दिनकर की कृतियों को हर भारतीय के लिए प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि दिनकर ने अपनी लेखनी से समाज को जगाया और राष्ट्रचेतना को मजबूत किया। उन्होंने यह भी कहा कि जब देश में लोकतंत्र पर दबाव बना, तब दिनकर की पंक्तियां सिंहासन खाली करो कि जनता आती है जनभावना की आवाज बन गईं।

मुख्यमंत्री ने जातिवाद पर तीखा रुख दिखाते हुए कहा कि समाज को बांटने वाली ताकतों से सतर्क रहने की जरूरत है। उनके मुताबिक, देश को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए एकजुटता जरूरी है। उन्होंने दिनकर की कविताओं का जिक्र करते हुए कहा कि ऊंच-नीच का भेद मिटाने का संदेश आज भी उतना ही अहम है।
उन्होंने बताया कि ‘रश्मिरथी’ के 75 साल पूरे होने पर यह आयोजन रखा गया है, जिसमें काव्य पर आधारित नाट्य प्रस्तुति भी दिखाई जाएगी। उन्होंने मंचन के जरिए नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने पर जोर दिया और संस्कृति विभाग को निर्देश दिए कि ऐसे कार्यक्रम ज्यादा से ज्यादा युवाओं तक पहुंचें। वे अक्सर दिनकर की रचनाओं के अंश लेकर सियासी विरोधियों पर जवाब देते हैं। दिनकर ने देश की कमजोरियों पर जिस तरह प्रहार किया, वह आज भी प्रासंगिक है।

कार्यक्रम के दौरान ‘रश्मिरथी’ पर आधारित मंचन प्रस्तुत किया गया, जिसे मुख्यमंत्री ने देखा और कलाकारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि साहित्य समाज का आईना होता है और इससे दिशा मिलती है। आयोजन में आगे के दिनों में स्वामी विवेकानंद, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और अटल बिहारी वाजपेयी पर आधारित कार्यक्रम भी होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को इतिहास और विचारधारा से जोड़ते हैं।
इस मौके पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, अश्वनी चौबे, डॉ. सत्यपाल सिंह, डॉ. दिनेश शर्मा, सूर्य प्रताप शाही, जयवीर सिंह, सुषमा खर्कवाल, नीरज सिंह, नीरज कुमार और ऋत्विक उदयन समेत कई लोग मौजूद रहे।






