Lucknow City

Lucknow News: नौकरी के लिए एंबुलेंस ड्राइवरों ने घेरा डिप्टी सीएम का आवास, बोले- ‘कोरोना काल में हीरो थे, अब जीरो हो गए’

2021 से रोजगार की मांग को लेकर आंदोलनरत 108-102 एंबुलेंस के पूर्व कर्मचारियों का प्रदर्शन, पुलिस पर अभद्रता और हिरासत में लेने का आरोप, बोले- पांच साल में 50 से ज्यादा बार मिला आश्वासन, अब दरवाजे तक पहुंचने पर खदेड़ा जा रहा

लखनऊ, 3 अक्टूबर 2026:

यूपी की राजधानी लखनऊ में नौकरी की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे एंबुलेंस ड्राइवरों ने शनिवार को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे ड्राइवरों ने नारेबाजी की और सरकार से रोजगार बहाल करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने कोरोना काल में मिले मेडल और सर्टिफिकेट तक वापस करने की बात कही।

एंबुलेंस ड्राइवरों का आरोप है कि वे पिछले पांच वर्षों से नौकरी की मांग को लेकर लगातार अधिकारियों और डिप्टी सीएम से मुलाकात कर रहे हैं। उनके मुताबिक इस दौरान वे 50 से अधिक बार ब्रजेश पाठक से मिल चुके हैं लेकिन हर बार उन्हें आश्वासन ही मिला। ड्राइवरों का कहना है कि शुक्रवार को गांधी प्रतिमा पर प्रदर्शन के दौरान प्रशासन ने शनिवार को डिप्टी सीएम से मुलाकात कराने का भरोसा दिया था। इसी उम्मीद में वे शनिवार को आवास पहुंचे लेकिन आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ अभद्रता की और उन्हें हिरासत में लेने का प्रयास किया।

‘दरवाजे पर पहुंचे तो पुलिस भगा रही’

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वर्ष 2021 से वे रोजगार के लिए भटक रहे हैं। उनका दावा है कि प्रदेश के 75 जिलों के करीब 9,000 कर्मचारी पांच साल से रोजी-रोटी के संकट का सामना कर रहे हैं। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि डिप्टी सीएम नौकरी देने का वादा करते हैं। अब जब उनके दरवाजे पर पहुंचे तो पुलिस हमें भगा रही है।

ये भी पढ़ें:

lucknow-news-ambulance-drivers-protest-brajesh-pathak-residence-job-demand (2)

ड्राइवरों के मुताबिक वर्ष 2012 में निजी कंपनी के माध्यम से उनकी नियुक्ति हुई थी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की 108 व 102 एंबुलेंस सेवा में वर्ष 2021 तक काम किया। उनका आरोप है कि 2021 में करीब 9,000 कर्मचारियों को बिना कारण बताए सेवा से हटा दिया गया।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान जब लोग घरों से निकलने से डर रहे थे तब उन्होंने मरीजों को अस्पताल पहुंचाने का काम किया। उनका कहना था, ‘कोरोना काल में हम हीरो थे, अब जीरो हो गए हैं।’

ये भी पढ़ें  लखनऊ : नगर निगम प्रशासन पर बरसीं महापौर, बोलीं... जनता की अनदेखी व लापरवाही बर्दाश्त नहीं

Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Secret Link