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बौद्ध पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार : लखनऊ का बुद्ध विहार बनेगा नया ग्लोबल आकर्षण

75 लाख रुपये से हो रहा तथागत बुद्ध विहार का कायाकल्प, 70% काम पूरा, डॉर्मिटरी, सभा हॉल, भव्य प्रवेश द्वार और आधुनिक सुविधाओं से मिलेगा बौद्ध पर्यटन को नया आयाम

लखनऊ, 7 जुलाई 2026:

यूपी बौद्ध पर्यटन के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। प्रदेश में बौद्ध श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ती आमद को देखते हुए योगी सरकार पर्यटन सुविधाओं के विस्तार में तेजी से जुटी है। इसी कड़ी में राजधानी लखनऊ के सरोजनीनगर स्थित तथागत बुद्ध विहार का करीब 75 लाख रुपये की लागत से व्यापक विकास कराया जा रहा है। परियोजना का लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसके पूर्ण होने के बाद यह स्थल लखनऊ के प्रमुख बौद्ध पर्यटन केंद्रों में शामिल होगा।

प्रदेश में बौद्ध पर्यटन की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2023 में 47 लाख से अधिक बौद्ध श्रद्धालु और पर्यटक उत्तर प्रदेश पहुंचे थे। 2024 में यह संख्या बढ़कर 61 लाख और 2025 में 81 लाख से अधिक हो गई। इसको देखते हुए बुद्ध विहार में आधुनिक भवन, विशाल सभा हॉल, डॉर्मिटरी (विश्राम गृह), शौचालय, अप्रोच रोड और भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण कराया जा रहा है।

परियोजना का उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को स्वच्छ, सुरक्षित और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। डॉर्मिटरी बनने से दूर-दराज और विदेशी बौद्ध अनुयायियों को ठहरने में सुविधा मिलेगी। सभा हॉल में धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
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प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के बौद्ध स्थलों पर देश-विदेश से श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सरकार बौद्ध पर्यटन स्थलों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से विकसित कर रही है और लखनऊ स्थित तथागत बुद्ध विहार का विकास इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

परियोजना पूरी होने के बाद लखनऊ को बौद्ध पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। संस्कृति, पर्यटन एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि विकास कार्य निर्धारित समयसीमा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तेजी से कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी होने पर यहां आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं को बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिलेगा। इसके साथ ही यह पहल प्रदेश के बौद्ध पर्यटन सर्किट को और अधिक मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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