
लखनऊ, 30 अगस्त 2026:
यूपी के बदायूं के दातागंज थाने में दलित युवक राजेश कोरी की पुलिस कस्टडी में हुई मौत को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने घटना को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। रविवार को उन्होंने राजेश कोरी की मौत को सामान्य मौत मानने से इनकार करते हुए इसे ‘प्रशासनिक हत्या’ करार दिया और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस हिरासत में राजेश के साथ बेरहमी से मारपीट की गई जिसके बाद उसकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि घटना ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और पुलिस तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनके मुताबिक जिस पुलिस पर नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है उसी की अभिरक्षा में एक दलित युवक की जान जाना बेहद गंभीर मामला है।
वायरल वीडियो का हवाला देकर पुलिस के दावों पर सवाल
AAP सांसद ने घटना से जुड़े वायरल वीडियो का हवाला देते हुए पुलिस के दावों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि वीडियो में राजेश जमीन पर बेबस हालत में पड़ा दिखाई देता है। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि युवक को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के बजाय मामले को दबाने और पुलिस की भूमिका पर पर्दा डालने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि यह घटना सरकार के कानून का राज और ‘रामराज्य’ के दावों की वास्तविक तस्वीर सामने लाती है। हालांकि, वायरल वीडियो और उससे जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी आवश्यक है।
भाजपा सरकार में UP की पुलिस ही भक्षक बन चुकी है!
बदायूं के दातागंज थाने में दलित युवक राजेश कोरी की पुलिस कस्टडी में मौत एक प्रशासनिक हत्या है।
परिजनों के अनुसार, पुलिस की पिटाई के बाद राजेश की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। वायरल वीडियो में बेबस राजेश ज़मीन पर गिरता दिख रहा… pic.twitter.com/TIeAiizAWS
— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) August 29, 2026
परिजनों पर दबाव डालने का भी आरोप
संजय सिंह ने पुलिस पर पीड़ित परिवार के साथ भी दबाव और कथित मनमानी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए परिजनों को डराकर-धमकाकर मनमाफिक तहरीर लिखवाने और मामले की दिशा बदलने का प्रयास किया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पुलिस हिरासत में भी आम नागरिक सुरक्षित नहीं है तो जनता न्याय के लिए किसके पास जाएगी?
AAP सांसद ने मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कथित तौर पर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की मांग की। आप नेता ने कहा कि दातागंज की घटना एक परिवार का मामला नहीं है। यह प्रदेश में पुलिस व्यवस्था की जवाबदेही और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल है। उन्होंने सरकार से मामले में तत्काल कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।






