
लखनऊ, 31 अगस्त 2026:
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव का बिगुल अभी औपचारिक रूप से नहीं बजा है लेकिन बहुजन समाज पार्टी ने चुनावी मैदान में अपनी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। बसपा सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सोमवार को लखनऊ स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में वरिष्ठ पदाधिकारियों और सभी 75 जिलाध्यक्षों के साथ बैठक कर संगठन की जमीनी तैयारियों का जायजा लिया। बैठक में खास तौर पर एसआईआर के बाद पोलिंग बूथ स्तर तक कमेटियों के पुनर्गठन और उन्हें मजबूत करने की प्रगति की समीक्षा की गई।
मायावती ने संगठनात्मक काम में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतने के निर्देश देते हुए बूथ स्तर की कमियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने को कहा। उन्होंने बदलते राजनीतिक हालात को देखते हुए चुनावी तैयारियों को और अधिक तेज, प्रभावी और जमीन से जुड़ा बनाने का आह्वान किया। बसपा प्रमुख ने कहा कि पार्टी को विरोधियों के साम, दाम, दंड, भेद जैसे हथकंडों का मुकाबला करते हुए उत्तर प्रदेश में पांचवीं बार सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ना है।
‘रेवड़ी’ की राजनीति पर मायावती का निशाना
बैठक में मायावती ने चुनाव से पहले किए जाने वाले लोकलुभावन वादों और महिलाओं समेत विभिन्न वर्गों को निजी लाभ देने वाली योजनाओं को लेकर विरोधी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनावी स्वार्थ के लिए वोटिंग से पहले तरह-तरह के वादे और घोषणाएं कर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश होती है लेकिन सत्ता में आने के बाद जनता से वादाखिलाफी के मामले सामने आते हैं। मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से ऐसे मुद्दों को जनता के बीच मजबूती से उठाने का आह्वान किया जिससे मतदाता किसी भी तरह के छलावे से बचकर स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें।

बसपा सुप्रीमो ने महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी और पिछड़ेपन को लेकर भी सरकारों को घेरा। उनका कहना था कि इन समस्याओं के चलते उत्तर प्रदेश से मजबूरी में पलायन आज भी बड़ी चुनौती है। उन्होंने सरकारों की ओर से की जा रही घोषणाओं को ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ बताते हुए कहा कि जनहित और जनकल्याण सरकारों की लगातार निभाई जाने वाली संवैधानिक जिम्मेदारी है, जिसे केवल चुनाव के समय नहीं किया जाना चाहिए।
कांशीराम की पुण्यतिथि पर लखनऊ में जुटेगा बसपा का हुजूम
बैठक में बसपा संस्थापक कांशीराम की 9 अक्टूबर को होने वाले पुण्यतिथि के कार्यक्रम की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। मायावती ने निर्देश दिया कि इस वर्ष पुण्यतिथि कार्यक्रम केवल लखनऊ में आयोजित किया जाएगा। प्रदेशभर से बसपा समर्थक लखनऊ स्थित वीआईपी रोड पर बौद्ध स्मृति उपवन के सामने बने विशाल ‘मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल’ पर जुटेंगे।
31-08-2026-BSP UP REVIEW MEETING PHOTOS pic.twitter.com/816yrKeAKp
— Mayawati (@Mayawati) August 31, 2026
मायावती ने कहा कि कार्यकर्ता ‘मा. कांशीराम जी का मिशन अधूरा, बीएसपी करेगी पूरा’ और ‘कांशीराम का मिशन अधूरा, बहन जी करेंगी पूरा’ जैसे संकल्पों के साथ उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। उन्होंने बताया कि यूपी-दिल्ली सीमा पर स्थित बहुजन प्रेरणा केंद्र में रख-रखाव का काम चल रहा है। ऐसे में वहां बड़ी भीड़ जुटने से संभावित दुर्घटना के खतरे को देखते हुए पश्चिमी यूपी के लोग भी इस बार लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे।
नेपाल की बाढ़ का मुद्दा भी उठाया
मायावती ने नेपाल में आई भीषण बाढ़ से हुई जान-माल की क्षति पर दुख जताया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से यूपी में बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। खासकर पूर्वांचल में बाढ़ से प्रभावित परिवारों को गरीबी, भूख और कर्ज के बढ़ते दबाव से बचाने के लिए आपदा योजनाओं का लाभ तत्काल पहुंचाने पर जोर दिया। मायावती ने कहा कि यूपी में हर साल आने वाली बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए भी ठोस उपाय तलाशे जाने चाहिए।






