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दिव्यांग छात्राओं की राह होगी आसान : UP में अब 8,060 को मुफ्त मिलेगी ई-ट्राइसाइकिल

योगी सरकार की बड़ी पहल,​ प्रदेश की सभी 403 विधानसभाओं में लागू हुई योजना, घर से स्कूल-कॉलेज और प्रशिक्षण संस्थान तक आवागमन होगा आसान, जानें पात्रता और आवेदन का पूरा तरीका

लखनऊ, 2 सितंबर 2026:

यूपी में दिव्यांग छात्राओं के लिए शिक्षा की राह आसान करने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग ने बैटरी चालित ई-ट्राइसाइकिल वितरण योजना का विस्तार करते हुए 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाली पात्र अध्ययनरत छात्राओं को भी इसके दायरे में शामिल किया है। योजना के तहत पात्र छात्राओं को अधिकतम 65 हजार रुपये तक की बैटरी चालित ई-ट्राइसाइकिल निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।

इस योजना का लाभ प्रदेश के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। हर विधानसभा क्षेत्र से 20-20 पात्र दिव्यांग छात्राओं का चयन किया जाएगा। इस हिसाब से प्रदेशभर में कुल 8,060 ई-ट्राइसाइकिल वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जनपद स्तर पर पात्र छात्राओं का चिन्हांकन और दस्तावेजों का सत्यापन पूरा होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत ई-ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई जाएगी।

गांव से शहर तक छात्राओं के लिए आसान होगा सफर

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सरकार की इस पहल का खास जोर उन छात्राओं पर है जिन्हें आवागमन की परेशानी के कारण नियमित रूप से स्कूल, कॉलेज या प्रशिक्षण संस्थान पहुंचने में दिक्कत होती है। ई-ट्राइसाइकिल मिलने से उन्हें घर से शिक्षण संस्थान तक आने-जाने में सहूलियत होगी। योजना का लाभ शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में रहने वाली पात्र छात्राओं को भी मिलेगा।

विभाग का मानना है कि परिवहन की समस्या कम होने से दिव्यांग छात्राओं के लिए शिक्षा और प्रशिक्षण जारी रखना आसान होगा। इससे उनकी गतिशीलता और आत्मनिर्भरता बढ़ने के साथ शिक्षा, कौशल विकास और भविष्य में रोजगार के अवसरों तक उनकी पहुंच भी बेहतर हो सकेगी।

40 फीसदी दिव्यांगता पर मिलेगा लाभ

योजना के तहत 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाली अध्ययनरत या प्रशिक्षणरत छात्राएं पात्र होंगी। इसके लिए छात्रा का किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय या प्रशिक्षण संस्थान में अध्ययनरत होना आवश्यक है। लाभार्थी की उम्र 16 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।

पात्रता के लिए निर्धारित दिव्यांगता प्रमाण-पत्र अथवा यूडीआईडी कार्ड समेत अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। जनपद स्तर पर संबंधित अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों और पात्रता का सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन के बाद पात्र लाभार्थियों को ई-ट्राइसाइकिल प्रदान की जाएगी।

आवेदन प्रक्रिया शुरू, पोर्टल पर कर सकते हैं आवेदन

योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक पात्र छात्राएं जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी के कार्यालय में संपर्क कर सकती हैं। इसके अलावा ऑनलाइन आवेदन के लिए विभाग के पोर्टल hwd.uphq.in का इस्तेमाल किया जा सकता है।

शिक्षा बीच में न छूटे, यही योजना का मकसद

दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उपनिदेशक डॉ. अमित कुमार राय ने बताया कि दिव्यांग छात्राओं को शिक्षा और प्रशिक्षण के दौरान आवागमन में परेशानी न हो, इसी उद्देश्य से योजना का विस्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि अब 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाली पात्र अध्ययनरत छात्राओं को भी इसका लाभ मिलेगा। आवश्यक अभिलेखों और पात्रता के सत्यापन के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ई-ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई जाएगी।

सरकार की यह पहल दिव्यांग छात्राओं के लिए केवल आवागमन का साधन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य उन्हें शिक्षा से जोड़े रखना, आत्मनिर्भर बनाना और समान अवसर उपलब्ध कराना भी है। 403 विधानसभा क्षेत्रों में योजना के विस्तार से प्रदेशभर की पात्र छात्राओं तक इसका लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई है।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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