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होमगार्ड होंगे हाईटेक और ज्यादा ताकतवर… CM योगी ने दिया आधुनिकीकरण का ब्लूप्रिंट

सीपीआर-फर्स्ट एड प्रशिक्षण होगा अनिवार्य, 41,424 पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेज, आधुनिक प्रशिक्षण संस्थान और डिजिटल सिस्टम विकसित करने के निर्देश

लखनऊ, 1 जून 2026:

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने होमगार्ड विभाग की समीक्षा बैठक में संगठन को आधुनिक, तकनीक-सक्षम और अधिक प्रभावी बनाने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि होमगार्ड संगठन प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और जनसेवा का महत्वपूर्ण स्तंभ है। बदलते समय और नई चुनौतियों को देखते हुए इसके आधुनिकीकरण, प्रशिक्षण क्षमता विस्तार और आधारभूत संरचना को मजबूत करना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि होमगार्ड केवल पुलिस बल के सहयोगी नहीं हैं बल्कि आपदा राहत, भीड़ प्रबंधन, चुनावी ड्यूटी, सामुदायिक सेवा और जनजागरूकता अभियानों में भी अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि होमगार्ड स्वयंसेवकों को आधुनिक संसाधनों और तकनीकी प्रशिक्षण से लैस किया जाए जिससे उनकी कार्यक्षमता और बढ़ सके।

बैठक में मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) और फर्स्ट एड प्रशिक्षण को अनिवार्य बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस और होमगार्ड के जवान किसी भी दुर्घटना या आपदा में सबसे पहले मौके पर पहुंचते हैं। ऐसे में गोल्डन ऑवर के महत्व को समझते हुए उनकी सजगता कई जिंदगियां बचा सकती है।

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समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्ष 1963 में स्थापित उत्तर प्रदेश होमगार्ड संगठन में 1,18,348 पद स्वीकृत हैं। वर्तमान में 67,971 होमगार्ड सेवाएं दे रहे हैं। आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए 3,812 होमगार्डों को आपदा मित्र के रूप में प्रशिक्षित किया गया है। वहीं 1,091 स्वयंसेवकों को अग्निशमन और 425 को बाढ़ बचाव कार्यों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि 41,424 रिक्त पदों पर एनरोलमेंट के लिए अप्रैल 2026 में लिखित परीक्षा संपन्न हो चुकी है। अंतिम परिणाम सितंबर 2026 में घोषित किए जाने की तैयारी है। चयनित अभ्यर्थियों को 90 दिवसीय आधारभूत प्रशिक्षण दिया जाएगा।

विभागीय कार्यप्रणाली में तकनीक के अधिकतम उपयोग पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने डिजिटल प्रणालियों को बढ़ावा देने की बात कही। बैठक में बताया गया कि प्रशिक्षण भत्ता बढ़ाकर ड्यूटी भत्ते के बराबर कर दिया गया है। हर होमगार्ड को हर तीन वर्ष में 3,000 रुपये वर्दी भत्ता देने की व्यवस्था लागू की गई है।

होमगार्ड कल्याण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। सेवाकाल में मृत्यु होने पर आश्रितों को 5 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता दी जा रही है। दिसंबर 2020 से अब तक 3,153 मामलों में 157.65 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। इसके अलावा 125 परिवारों को विभिन्न बीमा योजनाओं के तहत 30 से 45 लाख रुपये तक की सहायता मिली है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान को अत्याधुनिक राज्य स्तरीय प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना की भी समीक्षा की। इसमें स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लर्निंग सिस्टम, आधुनिक परेड ग्राउंड, छात्रावास, डिजिटल पुस्तकालय और सीसीटीवी आधारित सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उत्तर प्रदेश होमगार्ड संगठन को आधुनिक, अनुशासित और जनसेवा के लिए सदैव तत्पर बल के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

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