लखनऊ, 18 मई 2026:
यूपी की योगी सरकार अब ग्रामीण परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में जुट गई है। गांवों को शहरों और तहसील मुख्यालयों से जोड़ने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना तेजी से जमीन पर उतरती दिखाई दे रही है। इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) ने संचालन की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में लगभग 80 मिनी बसों का संचालन शुरू भी हो चुका है।
सरकार का लक्ष्य प्रदेश की 59 हजार से अधिक ग्राम सभाओं तक बस सेवा पहुंचाना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर और सुलभ परिवहन सुविधा मिल सकेगी। योजना के तहत गांवों को ब्लॉक, ग्राम पंचायत, तहसील और जिला मुख्यालयों से जोड़ा जाएगा। इससे ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और सरकारी सेवाओं तक पहुंचने में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
यूपीएसआरटीसी के सहायक प्रबंधक उमेश आर्य ने बताया कि अब तक प्रदेश के 70 जिलों के लिए 858 बस ऑपरेटरों के आवेदन चयनित किए जा चुके हैं। चयनित ऑपरेटरों ने तय मानकों के अनुसार बसों का ऑर्डर भी दे दिया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही अन्य बसों का संचालन भी शुरू कर दिया जाएगा।
योजना के तहत अधिकतम 28 सीटों वाली मिनी बसें चलाई जाएंगी। इन बसों की लंबाई 7 मीटर तक निर्धारित की गई है। जिससे ये ग्रामीण सड़कों पर आसानी से संचालित हो सकें। बसों के रूट का चयन जिला स्तरीय कमेटी द्वारा किया जा रहा है। निगम जल्द ही सभी तय मार्गों और संचालन की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करेगा।
यह योजना निजी बस संचालकों के माध्यम से संचालित की जा रही है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। बस ड्राइवर, कंडक्टर, हेल्पर और अन्य स्टाफ की भर्ती के जरिए बड़ी संख्या में ग्रामीण युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। योगी सरकार की यह पहल ग्रामीण कनेक्टिविटी के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार देने वाली मानी जा रही है।






