Uttar Pradesh

फर्रुखाबाद की बाढ़ पर योगी का बड़ा ऐलान : गंगा की ड्रेजिंग से होगा स्थायी समाधान, किसानों को मिलेगा पूरा मुआवजा

सीएम ने हवाई सर्वेक्षण कर सदर, कायमगंज और अमृतपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का लिया जायजा, 1000 परिवारों को बांटी राहत सामग्री, बोले- पानी उतरते ही टूटी सड़कों का शुरू हो निर्माण

फर्रुखाबाद, 3 सितंबर 2026:

गंगा के उफान से बाढ़ की मार झेल रहे फर्रुखाबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को हालात का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने हवाई सर्वेक्षण कर सदर, कायमगंज और अमृतपुर तहसीलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों को देखा। इसके बाद पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में 1000 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। मुख्यमंत्री ने कई परिवारों को अपने हाथों से राहत किट देने के साथ आश्रयहीन परिवारों को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र और आपदा मोचक निधि से राहत राशि के चेक भी सौंपे।

पीड़ित परिवारों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर दुख-दर्द में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने प्रशासन, पीडब्ल्यूडी समेत संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि बाढ़ का पानी उतरते ही क्षतिग्रस्त सड़कों का निर्माण और मरम्मत तत्काल शुरू कराई जाए।

गंगा की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन पर जोर

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मुख्यमंत्री ने फर्रुखाबाद की बाढ़ समस्या के स्थायी समाधान के लिए गंगा की ड्रेजिंग कर उसे चैनलाइज करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि गंगा के उफान से पानी फैल रहा है जिससे किसानों की फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। सरकार ने पिछले नौ वर्षों में बाढ़ नियंत्रण से जुड़ी सैकड़ों करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत की हैं।

योगी ने कहा कि गंगा की ड्रेजिंग से निकलने वाली सिल्ट को नदी के बाहर तटबंध के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। नदी का चैनलाइजेशन होने से पानी के फैलाव को नियंत्रित किया जा सकेगा और किसानों की फसल बचाई जा सकेगी। उन्होंने प्रशासन को ड्रेजिंग कार्य शुरू करने की तैयारी करने के निर्देश दिए।

किसानों की जमीन आई तो मिलेगा उचित मुआवजा

मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित समाधान के लिए किसानों से सहयोग मांगा। उन्होंने कहा कि यदि परियोजना के लिए किसी किसान की जमीन की आवश्यकता पड़ती है तो उसे उचित मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराने के निर्देश दिए और कहा कि सर्वे रिपोर्ट मिलते ही किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि भेजी जाएगी।
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50 किलो की राहत किट में 50 तरह की सामग्री

सीएम ने बताया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों तक 50 किलो की राहत सामग्री किट पहुंचाई जा रही है। इसमें 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 10 किलो आलू, 2 किलो अरहर दाल के अलावा तेल, चना, लाई, मसाले, बाल्टी, बरसाती और डिग्निटी किट समेत करीब 50 तरह की सामग्री शामिल है।

बाढ़ प्रभावित गांवों के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम, बाढ़ चौकियां और राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। जहां लोगों के घरों में रहना संभव नहीं है, वहां रहने और भोजन की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 15 दिनों से क्षेत्र के तीनों विधायक भी स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने में जुटे हैं।

सांप-बिच्छू के खतरे को देखते हुए अस्पतालों में दवाएं उपलब्ध

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के दौरान सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीवों का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए सीएचसी और जिला अस्पतालों में एंटी-स्नेक वेनम, एंटी-रेबीज और अन्य आवश्यक दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। पानी से प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के चारे, वैक्सीन और दवाओं का भी इंतजाम किया गया है। बाढ़ प्रभावित बच्चों की पढ़ाई.चालू रखने के लिए पहली बार शिक्षक शिविरों और गांवों में जाकर कक्षाएं ले रहे हैं। स्वास्थ्य शिविर और अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

‘अब बदल चुका है फर्रुखाबाद’, एक्सप्रेसवे का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि फर्रुखाबाद अब बदल चुका है। गंगा एक्सप्रेसवे का लिंक एक्सप्रेसवे यहां आ रहा है, जो बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इससे फर्रुखाबाद के पास भी अपना एक्सप्रेसवे होगा। सड़कों के चौड़ीकरण, ओवरब्रिज और गांवों की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव मांगे गए हैं।
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किसानों का जिक्र करते हुए योगी ने कहा कि फर्रुखाबाद आलू उत्पादन की बड़ी बेल्ट है। कोल्ड स्टोरेज में रखे आलू के लिए किसानों को प्रति बोरा धनराशि की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान सम्मान निधि, फसलों की खरीद और मक्का के लिए क्रय केंद्र जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

युवाओं की नौकरी से खिलवाड़ किया तो जेल और संपत्ति जब्त

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बिना भेदभाव हर जनपद के युवाओं को सरकारी नौकरी मिल रही है। उन्होंने 2017 से पहले की सरकार पर निशाना साधते हुए कथित ‘सैफई सिंडिकेट’ का जिक्र किया और कहा कि अब युवाओं की नौकरी से कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता। ऐसा करने वालों को जेल भेजने के साथ संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने नए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का जिक्र करते हुए कहा कि 3.52 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ अब भेदभाव नहीं होगा। कर्मचारियों को न्यूनतम 20 हजार रुपये मानदेय सीधे खाते में मिलेगा। स्वास्थ्य बीमा, ईपीएफ और अन्य सामाजिक सुरक्षा का लाभ भी दिया जाएगा।

बेटियों की शिक्षा और युवाओं के रोजगार पर भी जोर

सीएम ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग, अटल आवासीय विद्यालय और कस्तूरबा गांधी विद्यालय जैसी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बेटी पढ़ती है तो केवल परिवार नहीं, पूरा समाज स्वावलंबी बनता है। स्नातक अंतिम वर्ष की 50 हजार मेधावी बेटियों को जल्द रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत स्कूटी देने की बात भी कही।
इस दौरान सांसद मुकेश राजपूत, विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, सुनील कुमार शाक्य, नागेंद्र सिंह राठौर, डॉ. सुरभि, विधान परिषद सदस्य प्रांशुदत्त द्विवेदी, जिला पंचायत प्रशासक मोनिका यादव समेत कई जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे।

इन परिवारों को मिला जमीन का प्रमाण पत्र और 1.20 लाख की राहत राशि

मुख्यमंत्री ने आश्रयहीन परिवारों को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र और आपदा मोचक निधि से राहत राशि के चेक भी वितरित किए। सदर तहसील के प्रेमचंद, कुसुम देवी, गिरीश, ज्ञान देवी, मुकेश, रामबरन, रवीश, बृजमोहन, सुआलाल और अरुणेश को मुख्यमंत्री के हाथों भूमि आवंटन के स्वीकृति प्रमाण पत्र के साथ 1.20 लाख रुपये की राहत राशि प्रदान की गई।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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