
बिजनेस डेस्क, 8 सितंबर 2026:
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार शुरू होने के बाद बिकवाली हावी हो गई। सेंसेक्स करीब 400 अंक टूट गया, जबकि निफ्टी 23,700 के अहम स्तर से नीचे चला गया। बाजार में बड़ी कंपनियों के शेयरों में दबाव दिखा, जिसमें अदाणी एंटरप्राइजेज और एक्सिस बैंक में ज्यादा गिरावट रही।
कच्चे तेल ने बढ़ाई चिंता, फेड की नीति पर नजर
बाजार पर सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से बना हुआ है। निवेशकों को आशंका है कि महंगा क्रूड महंगाई को बढ़ा सकता है। इसका असर आगे चलकर ब्याज दरों की दिशा पर भी पड़ सकता है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेड की ब्याज दरों को लेकर बनी चिंताओं ने भी भारतीय बाजार का सेंटीमेंट कमजोर किया है। ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका बढ़ने पर विदेशी निवेश का रुख प्रभावित हो सकता है, जिसका असर उभरते बाजारों पर पड़ता है।
IPO की तेजी भी परेशानी की वजह, 24,025 के नीचे निफ्टी पर दबाव
घरेलू IPO market में लगातार बढ़ रही गतिविधि को भी बाजार में मौजूदा दबाव की एक वजह माना जा रहा है। निवेशकों का पैसा नए इश्यू की तरफ जाने से सेकेंडरी मार्केट में खरीदारी प्रभावित हो सकती है। मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक निफ्टी का near-term trend फिलहाल कमजोर बना हुआ है। 24,025 के स्तर के नीचे रहने पर इसमें और गिरावट का दबाव बन सकता है। ऐसी स्थिति में 23,600 से 23,500 का क्षेत्र अगला अहम support zone माना जा रहा है। यह इलाका पिछले बड़े gap zone के साथ जुलाई 2026 के निचले स्तर से भी जुड़ा है।
ग्लोबल मार्केट का मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों में भी मंगलवार को कारोबार का रुख मिला-जुला रहा। टोक्यो समयानुसार सुबह 10:42 बजे एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में मामूली बदलाव था। निक्केई 225 फ्यूचर्स 0.1 फीसदी ऊपर रहा, जबकि टॉपिक्स 0.4 फीसदी नीचे था। ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 0.6 फीसदी गिरा। हांगकांग का हैंग सेंग 0.7 फीसदी नीचे रहा, जबकि शंघाई कंपोजिट में 0.3 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई। यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स में खास बदलाव नहीं दिखा।






