
लखनऊ, 8 सितंबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में जमीन खरीदकर मनमाने ढंग से निर्माण कराने वालों पर लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) का शिकंजा लगातार कस रहा है। अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत एलडीए की प्रवर्तन टीम ने बड़ी कार्रवाई की। दुबग्गा के हैयात नगर में बिना मानचित्र स्वीकृत कराए बनाए जा रहे एक अवैध व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। इसके साथ ही शहर के चार प्रमुख इलाकों में आठ अवैध व्यावसायिक निर्माणों को सील किया गया।
यह कार्रवाई एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर प्रवर्तन जोन-5 और जोन-7 की टीमों ने की। इसके साथ एलडीए ने साफ संदेश दिया है कि नियमों को ताक पर रखकर निर्माण कराने वालों को अब कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
बिना नक्शे के खड़ा हो रहा था कॉम्प्लेक्स
प्रवर्तन जोन-7 के जोनल अधिकारी माधवेश कुमार के अनुसार मोहम्मद हैदर और अन्य लोगों की ओर से दुबग्गा क्षेत्र के बरावन कला स्थित हैयात नगर में करीब 200 वर्गमीटर के भूखंड पर व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराया जा रहा था। खास बात यह थी कि निर्माण के लिए एलडीए से मानचित्र तक स्वीकृत नहीं कराया गया था। मामला विहित न्यायालय तक पहुंचा जहां से निर्माण को ध्वस्त करने के आदेश जारी हुए। इसके बाद प्रवर्तन टीम ने मौके पर पहुंचकर आदेश का पालन कराया और अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।
अलीगंज से बीबीडी तक आठ निर्माण सील
एलडीए की कार्रवाई सिर्फ दुबग्गा तक सीमित नहीं रही। प्रवर्तन जोन-5 की टीम ने अलीगंज, इंदिरा नगर, चिनहट और बीबीडी थाना क्षेत्रों में अभियान चलाया। यहां आलोक द्विवेदी, आरजी वर्मा, मोहम्मद सुफियान अख्तर, साउद, आशीष अग्रवाल, अनुराग, डॉ. नितिन कुमार, करन और अन्य लोगों द्वारा कराए जा रहे आठ अवैध व्यावसायिक निर्माणों को सील किया गया।

एलडीए अधिकारियों के मुताबिक बिना स्वीकृत मानचित्र या नियमों के विपरीत निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। अवैध निर्माण मिलने पर सीलिंग से लेकर ध्वस्तीकरण तक की कार्रवाई की जाएगी। राजधानी में बिना अनुमति निर्माण कराने वालों के लिए कार्रवाई का खतरा लगातार बना है।






