
लखनऊ, 8 सितंबर 2026:
यूपी के डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के आवास को अलग-अलग मांगों को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में आयुष इंटर्न डॉक्टर, यूपीएसएसएससी फार्मासिस्ट भर्ती के अभ्यर्थी और सिविल अस्पताल के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने घेर लिया। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग की।
सबसे ज्यादा नाराजगी नेशनल होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के आयुष इंटर्न डॉक्टरों में दिखी। उनका कहना था कि उन्हें पिछले करीब 15 वर्षों से महज 7,500 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिल रहा है। इंटर्न डॉक्टरों ने कहा कि वर्ष 2011 में MBBS, BDS और उनके स्टाइपेंड की स्थिति लगभग समान थी लेकिन इसके बाद MBBS और BDS डॉक्टरों के स्टाइपेंड में वर्ष 2021, 2025 और 2026 में बढ़ोतरी हुई, जबकि उनका स्टाइपेंड अब भी 7,500 रुपये पर ही अटका हुआ है।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर वे कई बार अधिकारियों के सामने अपनी बात रख चुके हैं। हर बार उन्हें मांग पर विचार और बातचीत का आश्वासन मिला लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। इसी वजह से उन्हें डिप्टी सीएम आवास तक आकर प्रदर्शन करना पड़ा।
564 पदों की भर्ती शुरू करने की मांग
इसी दौरान यूपीएसएसएससी फार्मासिस्ट भर्ती के अभ्यर्थी भी डिप्टी सीएम आवास पहुंचे। अभ्यर्थियों ने 564 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के साथ ही पदों की संख्या बढ़ाने की मांग की। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने और जल्द से जल्द भर्ती शुरू करने की मांग उठाई।

वहीं, सिविल अस्पताल के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने भी वेतन बढ़ाने समेत अपनी अन्य समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। एक ही समय पर तीन अलग-अलग वर्गों के प्रदर्शन से डिप्टी सीएम आवास के बाहर काफी देर तक हलचल बनी रही।
प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे बृजेश पाठक
प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक बाहर आए और प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। उन्होंने अलग-अलग वर्गों की समस्याएं सुनीं और उनके जल्द समाधान का आश्वासन दिया। प्रदर्शन में सफाई कर्मचारी नेता अविनाश, सफाई कर्मचारी कल्पना, फार्मासिस्ट भर्ती के अभ्यर्थी प्रवीण कुमार समेत कई लोग मौजूद रहे।






