Uttarakhand

अब सीवर में नहीं उतरेंगे सफाई कर्मचारी : मशीनों से होगी सफाई, मकवाना बोले- मैनहोल को ‘मशीन होल’ बनाया जाए

राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष ने बीजापुर गेस्ट हाउस में अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक, कहा- शिकायतों को संवेदनशीलता से सुन कर प्रभावी समाधान किया जाए, पात्रों तक पहुंचाया जाए योजनाओं का लाभ

राजकिशोर तिवारी

देहरादून, 28 सितंबर 2026ः

सफाई कर्मियों को अब सेप्टिक टैंक में नहीं उतरना पड़ेगा। सीवर व मैनहोल की सफाई में आधुनिक मशीनों, रोबोटिक तकनीक और अन्य यांत्रिक संसाधनों का इस्तेमाल किया जाएगा। सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक-आर्थिक कल्याण को लेकर राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने बीजापुर गेस्ट हाउस में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को सफाई कर्मचारियों की शिकायतों को संवेदनशीलता से सुनने और उनका प्रभावी समाधान करने को कहा। साथ ही यह भी कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ पात्रों तक प्राथमिकता से पहुंचाया जाए।

सफाई कर्मियों को तकनीकी जानकारी दी जाए

भगवत प्रसाद मकवाना ने कहा कि मैनुअल स्कैवेंजिंग की प्रथा को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मैनहोल को ‘मशीन होल’ के रूप में विकसित करने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए, ताकि सफाई कर्मियों के जीवन और स्वास्थ्य को जोखिम से बचाया जा सके। अध्यक्ष ने सफाई कर्मियों को सफाई कार्य से संबंधित तकनीकी जानकारी, सुरक्षा मानकों और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण देने को कहा।

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मकवाना ने सभी को नियमित रूप से पीपीई किट उपलब्ध कराने और इसकी निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्तमान वेतन व्यवस्था की समीक्षा कर वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजने व न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई करने को कहा। कर्मचारियों को वेतन और अन्य देयकों का भुगतान समय पर करने और सफाई उपकरणों, मशीनों व पीपीई किट के लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान रखने के निर्देश भी दिए।

बीमा और बच्चों की शिक्षा पर भी फोकस

मकवाना ने सफाई कर्मचारियों को जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा योजनाओं से अधिक से अधिक जोड़ने व सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने सफाई कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा के लिए आवश्यक सहायता और फंड की व्यवस्था का प्रस्ताव तैयार करने को कहा, ताकि उनके परिवारों को बेहतर शैक्षिक अवसर मिल सकें।

NAMASTE योजना से कर्मचारियों को जोड़ने पर

अध्यक्ष ने National Action for Mechanised Sanitation Ecosystem (NAMASTE) योजना से अधिक से अधिक सफाई कर्मियों को जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के परिजनों को स्वरोजगार और कौशल विकास योजनाओं से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही प्रत्येक सफाई कर्मचारी की स्पष्ट पहचान और विभागीय रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के साथ सभी पात्रों को आईडी कार्ड जारी किया जाए।

मकवाना ने कहा कि सफाई कर्मचारियों के अधिकार, सुरक्षा और सम्मान से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और संबंधित योजनाओं की नियमित समीक्षा की जानी चाहिए। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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Anurag Chaturvedi

अनुराग चतुर्वेदी पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता, लेखन और संपादन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए खबरों को निष्पक्षता और गहराई के साथ जनता के सामने रखा है।

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