Uttarakhand

303 घोषणाएं अटकी होने पर मुख्य सचिव ने जताई नाराजगी, बोले- समय से करें पूरा, देरी बर्दाश्त नहीं

सचिवालय में अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक, कहा- सचिव व अपर सचिव स्तर के अधिकारी करें मॉनिटरिंग, भूमि हस्तांतरण समेत अन्य प्रक्रियाओं के कारण न आए कोई रुकावट

राजकिशोर तिवारी

देहरादून, 29 सितंबर 2026ः

उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को लंबे समय से अटकी घोषणाओं के निस्तारण में तेजी लाने को कहा। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि 11 अगस्त को 627 घोषणाएं लंबित थीं, जोकि अब घटकर 303 रह गई हैं। प्रदेश में अब तक कुल 4,611 मुख्यमंत्री घोषणाओं में से 2,852 पूरी हो चुकी हैं। 1,759 घोषणाएं लंबित हैं। इनमें 1,397 पर विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई चल रही है, जबकि 59 घोषणाएं आंशिक रूप से पूरी हो चुकी हैं।

विभाग आपस में संवाद और समन्वय रखें

मुख्य सचिव ने कहा कि लंबित घोषणाओं को प्राथमिकता पर लेकर समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए और जिन घोषणाओं का विलोपन, मर्ज या दूसरे विभाग में हस्तांतरण होना है, उनकी कार्यवाही भी तत्काल पूरी की जाए। कहा कि घोषणाओं को पूरा करने में भूमि हस्तांतरण समेत अन्य प्रक्रियाओं के कारण अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। विभाग आपस में लगातार संवाद और समन्वय रखें। जहां संभव हो, अलग-अलग कार्यों को समानांतर शुरू किया जाए, ताकि समय की बचत हो और योजनाएं निर्धारित समयसीमा में पूरी हों।

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उन्होंने सचिव और अपर सचिव स्तर के अधिकारियों को घोषणाओं की नियमित और गंभीर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने लंबित घोषणाओं के निस्तारण की गति बनाए रखने के निर्देश देते हुए अगली समीक्षा बैठक अक्टूबर के मध्य में आयोजित करने को कहा।

15 दिन में यमुनोत्री ट्रेक का मांगा पूरा खाका

समीक्षा बैठक में यमुनोत्री ट्रेक को लेकर भी बड़ा फोकस रहा। मुख्य सचिव ने सम्पूर्ण यमुनोत्री ट्रेक रूट के सुधारीकरण की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को 15 दिन के भीतर विस्तृत प्रस्तुतिकरण देने को कहा गया है। ट्रेक रूट के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं की संभावनाएं तलाशने के निर्देश भी दिए गए हैं।

ईको पार्क का रखरखाव भी पहले तय होगा

मुख्य सचिव ने ईको पार्क समेत विभिन्न परिसंपत्तियों के निर्माण को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिर्फ निर्माण पूरा करना पर्याप्त नहीं है, परिसंपत्ति के संचालन और रखरखाव की व्यवस्था भी पहले से तय होनी चाहिए, ताकि निर्माण के बाद उसका बेहतर उपयोग हो सके। उन्होंने शहरों में ओपन स्पेस, सिटी पार्क और ईको पार्क विकसित करने की दिशा में काम करने को कहा। सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं होने पर आवश्यकतानुसार निजी भूमि खरीदकर ऐसी सुविधाएं विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार करने को कहा।

पौड़ी की हेरिटेज स्ट्रीट का बदलेगा विभाग

पौड़ी शहर में मुख्य बाजार धारा रोड से एजेंसी चौक तक हेरिटेज स्ट्रीट के कार्य को आवास विभाग से पर्यटन विभाग को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए। मल्टीस्टोरी पार्किंग से जुड़े आवास विभाग को भेजे गए प्रस्तावों पर भी शीघ्र कार्यवाही के लिए कहा गया। मुख्य सचिव ने एक ही क्षेत्र में विभिन्न विभागों की ओर से किए जा रहे अवस्थापना विकास और सौंदर्यीकरण के कार्यों को अलग-अलग तरीके से करने के बजाय समन्वित और एकीकृत रूप से करने पर जोर दिया।

अनुपयुक्त जमीन पर कोल्ड स्टोरेज नहीं

फलों के भंडारण के लिए बनने वाले कोल्ड स्टोरेज को लेकर भी मुख्य सचिव ने जमीन की उपयोगिता को प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिर्फ सरकारी जमीन उपलब्ध होने के कारण अनुपयुक्त भूमि पर कोल्ड स्टोरेज न बनाया जाए। जरूरत के अनुसार उपयुक्त भूमि खरीदकर निर्माण किया जाए, ताकि परियोजना का वास्तविक लाभ मिल सके। बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा सहित संबंधित विभागों के सचिव, अपर सचिव व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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Anurag Chaturvedi

अनुराग चतुर्वेदी पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता, लेखन और संपादन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए खबरों को निष्पक्षता और गहराई के साथ जनता के सामने रखा है।

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