जोशीमठ हेलीकॉप्टर हादसा : सुरक्षा को लेकर उठे सवाल, जांच के लिए देहरादून पहुंचीं DGCA व AAIB की टीमें
जांच दल दुर्घटनास्थल का करेगा निरीक्षण, हेलीकॉप्टर की तकनीकी स्थिति, रखरखाव के अभिलेख, उड़ान मार्ग, मौसम और दृश्यता की परिस्थितियों से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जाएगी

राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 31 अक्टूबर 2026ः
उत्तराखंड के दुर्गम पर्वतीय इलाकों में हेलीकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। बदरीनाथ से देहरादून लौटते समय जोशीमठ क्षेत्र में हुए हेलीकॉप्टर हादसे के बाद अब केंद्रीय विमानन जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। हादसे की तकनीकी वजहों का पता लगाने के लिए नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की टीमें देहरादून पहुंच गई हैं।
सभी पहलुओं की होगी पड़ताल
जांच दल दुर्घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ उड़ान से जुड़े तकनीकी व परिचालन संबंधी सभी पहलुओं की पड़ताल करेगा। इस हादसे ने चारधाम यात्रा के दौरान संचालित होने वाली हवाई सेवाओं की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच के दौरान हेलीकॉप्टर की तकनीकी स्थिति, रखरखाव के अभिलेख, उड़ान मार्ग, मौसम और दृश्यता की परिस्थितियों के साथ पायलट और संचालन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। विमान में उपलब्ध उड़ान संबंधी रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का भी परीक्षण किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

तीन आपात लैंडिंग ने भी बढ़ाई चिंता
इस वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान विमानन सेवाओं से जुड़ा यह पहला बड़ा हादसा है। इसके अलावा यात्रा सीजन में तकनीकी कारणों से तीन आपात लैंडिंग की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। एक सप्ताह पहले 24 अक्टूबर को देहरादून से केदारनाथ जा रहे हेलीकॉप्टर की टेक्निकल फॉल्ट के चलते नई टिहरी बौराड़ी स्टेडियम में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। हेलीकॉप्टर में 6 यात्री सवार थे। फॉल्ट दूर करने के कुछ देर बाद फिर वह केदारनाथ रवाना हो गया था। लगातार हुई इन घटनाओं ने पर्वतीय क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर संचालन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों की जांच में उड़ानों के सुरक्षा मानकों, हेलीकॉप्टरों के रखरखाव, मौसम संबंधी सूचनाओं और संचालन की निगरानी व्यवस्था की भी समीक्षा की जाएगी।






