Uttarakhand

उत्तराखंड न्यूज : 769 करोड़ की दो परियोजनाओं को मंजूरी, कुंभ की सफाई पर भी 25 करोड़ खर्च होंगे

मुख्य सचिव में दी मंजूरी, सहसपुर में जलाशय, नैनीताल में पेयजल परियोजना को हरी झंडी, बागेश्वर में सर्किट हाउस निर्माण के लिए 13.15 करोड़ मंजूर

योगेंद्र मलिक

देहरादून, 29 अक्टूबर 2026:

उत्तराखंड में विकास परियोजनाओं को लेकर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति की बैठक में पांच प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में कुल आठ प्रस्ताव रखे गए थे, जिनमें तीन को जरूरी जांच के लिए रोक दिया गया। स्वीकृत योजनाओं में सहसपुर की पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी जलाशय परियोजना, नैनीताल की खैरना बैराज पेयजल परियोजना, बागेश्वर में सर्किट हाउस का निर्माण, कैंची धाम बाईपास मोटर मार्ग का सुधारीकरण शामिल है। इसके अलावा हरिद्वार में कुंभ मेला-2027 की सफाई व्यवस्था के लिए 25 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली।

सहसपुर में जलाशय परियोजना पर 326.64 करोड़ खर्च होंगे

समिति ने सहसपुर में सिंचाई विभाग की पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी जलाशय परियोजना के लिए 326.64 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी। यह परियोजना मुख्यमंत्री की घोषणा से जुड़ी है। इसके साथ ही नैनीताल जिले में खैरना बैराज पेयजल परियोजना के लिए 382.40 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। इन दोनों योजनाओं पर कुल 709.04 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

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बागेश्वर में बनेगा सर्किट हाउस

बागेश्वर जिले में 13.15 करोड़ रुपये की लागत से सर्किट हाउस बनाया जाएगा। राज्य संपत्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग से जुड़े इस प्रस्ताव को भी समिति ने मंजूरी दी। यह निर्माण मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल है।

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कैंची धाम बाईपास सड़क के लिए 21.81 करोड़

नैनीताल जिले के बेतालघाट ब्लॉक में दुनिघाट से रातिघाट के पाडली तक कैंची धाम बाईपास मोटर मार्ग की हालत सुधारी जाएगी। लोक निर्माण विभाग की राज्य योजना के तहत सड़क के डामरीकरण और सुधारीकरण के लिए 21.81 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

कुंभ मेला-2027 में सफाई व्यवस्था पर रहेगा जोर

हरिद्वार में कुंभ मेला-2027 के दौरान सफाई व्यवस्था संभालने के लिए 25 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके तहत सफाई से जुड़े कामों के लिए कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। मुख्य सचिव ने कुंभ मेला अधिकारी और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आउटसोर्सिंग एजेंसियों के साथ सफाई कार्य में लगे कर्मचारियों का भी सत्यापन कराया जाए।

उन्होंने कर्मचारियों की वास्तविक तैनाती और उपस्थिति की जांच के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन सहित आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने को कहा। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि जांच पूरी होने के बाद ही संबंधित एजेंसियों और कर्मचारियों का भुगतान किया जाए।

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तीन प्रस्तावों की दोबारा जांच के निर्देश

बैठक में चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के बीरोंखाल ब्लॉक में स्यूंसी झील निर्माण परियोजना के साथ रुद्रप्रयाग शहर के मास्टर प्लान के पहले चरण से जुड़े प्रस्तावों की समीक्षा करने को कहा गया। रुद्रप्रयाग की योजना पर चर्चा के दौरान मुख्य सचिव ने ड्रेनेज प्लान को लेकर खास निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घरों से निकलने वाला गंदा पानी सीधे नदी में नहीं जाना चाहिए। इसके लिए जल निकासी और गंदे पानी के प्रबंधन की उचित व्यवस्था बनाने को कहा गया।

श्री केदारनाथ धाम में बुनियादी सुविधाओं, सबस्टेशन पैनल और दूसरे निर्माण कार्यों से जुड़े प्रस्ताव को भी जरूरी जांच के लिए रोक दिया गया। मुख्य सचिव ने पर्यटन विभाग, लोक निर्माण विभाग और संबंधित अधिकारियों को बढ़ी हुई लागत का विस्तृत सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लागत बढ़ने के कारणों और काम की वास्तविक जरूरत की जांच के बाद संशोधित प्रस्ताव पेश किया जाए।

परियोजनाओं की लागत और गुणवत्ता पर नजर

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी परियोजना का प्रस्ताव तैयार करने से पहले तकनीकी, भू-वैज्ञानिक, वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं की पूरी जांच की जाए। सभी जरूरी मंजूरियां समय पर लेने के साथ लागत का आकलन भी सावधानी से किया जाए, ताकि देरी के कारण खर्च न बढ़े।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि विशेष परिस्थितियों को छोड़कर लागत बढ़ने पर दोबारा प्रस्ताव लाने की नौबत नहीं आनी चाहिए। यदि किसी जरूरी कारण से लागत बढ़ती है, तो उसके पीछे के कारणों, संबंधित पक्षों की सहमति और जरूरी मंजूरियों का ब्योरा प्रस्ताव में दिया जाए।

परियोजनाओं के भौतिक सत्यापन के लिए तय स्तर के सक्षम अधिकारियों और अधिकृत एजेंसियों की मदद लेने को कहा गया, ताकि काम की गुणवत्ता और खर्च का सही आकलन हो सके। बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, आर मीनाक्षी सुंदरम, लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पांडेय, डॉ. आर राजेश कुमार, नियोजन विभाग के श्रीधर बाबू सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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