
लखनऊ, 29 सितंबर 2026:
यूपी में हुक्का बार चलाने वाले कैफे और रेस्तरां संचालकों को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि रेस्तरां या कैफे में बनाया गया निर्धारित स्मोकिंग एरिया भी हुक्का बार चलाने की इजाजत नहीं देता। अदालत ने इस संबंध में 70 से अधिक कैफे और रेस्तरां की याचिकाएं खारिज कर दीं।
इस मामले में अफटेक फूड्स एंड बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड, फैशन टीवी कैफे गोमतीनगर समेत कई प्रतिष्ठानों ने पुलिस की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उनके पास खाद्य सुरक्षा विभाग का वैध लाइसेंस है और उन्होंने सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA) के तहत निर्धारित स्मोकिंग एरिया भी बनाया है।
हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। फैसले में कहा गया कि 23 मई 2017 को COTPA के नियम 4(3) में किए गए संशोधन के बाद निर्धारित स्मोकिंग एरिया में किसी भी तरह की सेवा उपलब्ध कराने की अनुमति नहीं है। ऐसे में सिर्फ अलग स्मोकिंग जोन बना लेने से हुक्का बार का संचालन वैध नहीं हो जाता।
‘हुक्का खुद ले जाएगा ग्राहक’ वाला तर्क भी खारिज
याचिकाकर्ताओं की ओर से यह भी दलील दी गई कि हुक्का बाहर तैयार किया जाएगा और ग्राहक उसे खुद स्मोकिंग एरिया तक ले जाएगा, इसलिए इसे सेवा नहीं माना जाना चाहिए। कोर्ट ने इस तर्क को भी स्वीकार नहीं किया। अदालत ने माना कि हुक्का पीने के लिए मानवीय सहायता आवश्यक होती है। इसलिए इसे सेवा की श्रेणी में माना जाएगा। यानी ‘सेल्फ सर्विस’ के नाम पर भी हुक्का बार संचालन को नियमों से बाहर नहीं किया जा सकता।

लाइसेंस होने के बावजूद नहीं चलेगा हुक्का बार
फैसले में यह भी स्पष्ट किया गया कि खाद्य सुरक्षा विभाग और नगर निकायों के पास हुक्का बार के संचालन के लिए लाइसेंस जारी करने का अधिकार नहीं है। ऐसे में किसी अन्य विभाग से मिला लाइसेंस हुक्का बार संचालन को अपने आप वैध नहीं बना देता।
अदालत ने फैसले की प्रति उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को सूचना और अनुपालन के लिए भेजने का निर्देश दिया है। फैसले में COTPA की संबंधित धाराओं के तहत पुलिस की कार्रवाई के अधिकारों का भी उल्लेख किया गया है। इस फैसले के बाद प्रदेश में स्मोकिंग एरिया की आड़ में चल रहे हुक्का बार के संचालन पर कानूनी स्थिति और स्पष्ट हो गई है।






