
एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ), 1 अक्टूबर 2026:
यूपी के लखनऊ में अतिरिक्त शुल्क को लेकर जावित्री इंस्टीट्यूट के छात्र-छात्राओं का गुस्सा सड़क पर आ गया। कनकहा स्थित संस्थान में एएनएम द्वितीय वर्ष की छात्रा को अतिरिक्त शुल्क और फाइन के विवाद में परीक्षा से रोकने का आरोप लगाते हुए सैकड़ों छात्रों ने लखनऊ-रायबरेली हाईवे जाम कर दिया। प्रदर्शन के चलते हाईवे के दोनों ओर कई किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई।
एडमिट कार्ड के लिए मांगे अतिरिक्त पैसे
छात्रा शालिनी यादव के मुताबिक, 22 सितंबर को उसकी परीक्षा थी। वह निर्धारित फीस पहले ही जमा कर चुकी थी, लेकिन अतिरिक्त शुल्क और फाइन का विवाद होने के चलते उसे एडमिट कार्ड नहीं दिया गया। आरोप है कि बाद में करीब तीन हजार रुपये जमा कराने के बाद एडमिट कार्ड दिया गया। साथ ही बाकी फाइन की रकम जल्द जमा करने के लिए कहा गया।

शिकायत के बाद भी बात नहीं बनी
छात्रों का आरोप है कि फीस और अतिरिक्त शुल्क को लेकर संस्थान प्रबंधन से शिकायत की गई, लेकिन उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज छात्र-छात्राएं संस्थान से बाहर निकले और लखनऊ-रायबरेली हाईवे पर पहुंचकर सड़क पर बैठ गए। छात्रों ने बैनर लगाकर फीस व्यवस्था को लेकर विरोध जताया।
हाईवे पर लगी कई किलोमीटर लंबी कतार
अचानक हुए प्रदर्शन से Lucknow-Raebareli Highway पर यातायात रुक गया। दोनों तरफ वाहनों की कतार लगने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हुई। करीब एक घंटे तक हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा। जाम की सूचना मिलने पर मोहनलालगंज पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस ने छात्रों से बातचीत कर विरोध शांत किया
मोहनलालगंज कोतवाल रामबाबू सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं से बातचीत की और उनकी फीस संबंधी शिकायतें सुनीं। छात्रों को भरोसा दिया गया कि उनकी समस्या संस्थान प्रबंधन के सामने रखी जाएगी। काफी देर तक बातचीत के बाद छात्र हाईवे से हट गए।

पुलिस ने बहाल कराया यातायात
छात्रों के हटने के बाद पुलिस ने हाईवे पर यातायात शुरू कराया। धीरे-धीरे दोनों तरफ फंसे वाहनों को निकाला गया, जिसके बाद करीब एक घंटे से चल रहा जाम सामान्य हो सका। पुलिस ने संस्थान प्रबंधन से छात्रों की फीस संबंधी शिकायतों को गंभीरता से देखने को कहा। छात्रों की मांग है कि अतिरिक्त शुल्क और फाइन को लेकर स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए। फीस से जुड़े विवाद के कारण किसी छात्र-छात्रा को परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जाए।






