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UP Politics : सपा पर बरसीं मायावती, बोलीं- PDA के नाम पर वोट की राजनीति, टिकट में परिवार- पूंजीपतियों को तरजीह

Rajya Sabha Election : रामगोपाल यादव को फिर राज्यसभा भेजने पर साधा निशाना, धनराज परिमल नाथवानी की उम्मीदवारी का भी किया जिक्र, मायावती ने कहा, बसपा की राजनीति परिवारवाद और धनबल से अलग, गरीब और कमजोर तबकों के कार्यकर्ताओं को चुनाव में मौका देने का दावा, यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले दलित, अति-पिछड़े, मुस्लिम और दूसरे कमजोर वर्गों से सपा की राजनीति को लेकर सतर्क रहने की अपील

लखनऊ, 2 अक्टूबर 2026:

उत्तर प्रदेश में Rajya Sabha Election को लेकर बहुजन समाज पार्टी ने समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद और धनबल की राजनीति करने का आरोप लगाया है। बीएसपी ने कहा कि सपा खुद को समाजवादी और PDA की पार्टी बताती है, लेकिन उम्मीदवारों के चयन में परिवार और बड़े पूंजीपतियों को जगह देने की उसकी राजनीति सामने आती है।

बीएसपी ने अपनी चुनावी राजनीति को परिवारवाद से अलग बताया

बीएसपी चीफ मायावती ने शुक्रवार को अपने एक्स हैंडल पर कहा कि वह छोटे-बड़े चुनावों में परिवार, सगे-संबंधियों और करीबी रिश्तेदारों के साथ बड़े पूंजीपतियों और धन्नासेठों को टिकट देने की राजनीति नहीं करती। पार्टी का दावा है कि वह सर्वसमाज में काम करने वाले गरीब, मध्यम वर्ग और कमजोर तबकों के कर्मठ अम्बेडकरवादी कार्यकर्ताओं को उम्मीदवार बनाती है। बसपा की राजनीति परिवारवाद और धनबल से मुक्त है। बीएसपी ने इसी आधार पर सपा की राजनीतिक शैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह अपने आपको समाजवादी और PDA की पार्टी बताकर लोगों के बीच अलग तस्वीर पेश करती है।

रामगोपाल यादव की उम्मीदवारी को लेकर सपा पर निशाना

मायावती ने यूपी से राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव में रामगोपाल यादव को फिर उम्मीदवार बनाए जाने का जिक्र करते हुए सपा पर निशाना साधा। पार्टी ने कहा कि रामगोपाल यादव सपा मुखिया के करीबी रिश्तेदार हैं और उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजने के लिए उम्मीदवार बनाया गया है। बीएसपी ने इसे परिवारवाद से जोड़ते हुए कहा कि एक तरफ सपा PDA की राजनीति की बात करती है, दूसरी तरफ अपने करीबी परिवार के लोगों को राजनीतिक पदों पर आगे बढ़ाती है।

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उद्योग घराने से जुड़े उम्मीदवार पर भी सवाल

सपा के दूसरे उम्मीदवार धनराज परिमल नाथवानी को लेकर भी सवाल उठाए। पार्टी ने कहा कि नाथवानी चर्चित उद्योग घराने से जुड़े हैं। बीएसपी ने इसे सपा की उस राजनीति के उदाहरण के तौर पर पेश किया जिसमें एक तरफ PDA के नाम पर समर्थन मांगा जाता है, जबकि दूसरी तरफ बड़े कारोबारी वर्ग से जुड़े लोगों को चुनावी मैदान में उतारा जाता है।

तीसरे उम्मीदवार को लेकर भी बीएसपी ने कसा तंज

मायावती ने सपा के तीसरे उम्मीदवार को लेकर भी टिप्पणी की। पार्टी का कहना है कि तीसरा उम्मीदवार पहले की तरह फेस सेविंग और चुनाव हारने के लिए उतारा जा सकता है। सपा को चुनाव में PDA का वोट चाहिए, लेकिन सांसद और विधायक बनाने के मामले में परिवार के लोगों और बड़े पूंजीपतियों को आगे किया जाता है।

विधानसभा चुनाव से पहले लोगों को सतर्क रहने की अपील

उन्होंने कहा कि सपा की यह राजनीतिक शैली नई नहीं है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सपा का दोहरा चाल, चरित्र और चेहरा लंबे समय से इसी तरह का रहा है। पार्टी ने खास तौर पर UP Election 2027 से पहले अपरकास्ट समाज के गरीबों के साथ दलित, आदिवासी, अति-पिछड़े, मुस्लिम और दूसरे धार्मिक अल्पसंख्यक समाज के लोगों से सतर्क रहने की अपील की। इन वर्गों को सपा के PDA के दावों को समझकर अपनी राजनीतिक दिशा तय करनी चाहिए।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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