Atmasamman Yatra : बच्चों को नशे और अपराध से बचाने का संदेश लेकर निकले कौशल किशोर, आत्मसम्मान यात्रा का जोश भरा स्वागत
Kaushal Kishore : समान शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर कौशल किशोर ने उन्नाव से शुरू की आत्मसम्मान यात्रा, दूसरे दिन सीतापुर के सिधौली में इटौजा टोल प्लाजा से पहाड़पुर तक हुआ स्वागत, पाठ्यक्रम में नशे के दुष्परिणाम और अपराध की सजा बताने की मांग, 9 अक्टूबर को बाराबंकी पहुंचेगी यात्रा

प्रमोद कुमार
मलिहाबाद/सीतापुर, 8 अक्टूबर 2026:
यूपी में समान शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर पारख महासंघ की आत्मसम्मान यात्रा दूसरे दिन सीतापुर की सिधौली विधानसभा पहुंची। पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री और पारख महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कौशल किशोर ने उन्नाव की मोहान विधानसभा से इस यात्रा की शुरुआत की थी। अमीर हो या गरीब, इंसान सबकी शिक्षा एक समान के नारे के साथ निकली यात्रा में मलिहाबाद विधायक जय देवी और भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष विकास किशोर भी शामिल रहे।
मोहान में कई जगह हुआ स्वागत
Parakh Mahasangh : यात्रा के पहले दिन मोहान विधानसभा क्षेत्र में हसनगंज, मियांगंज, औरस, सफीपुर समेत करीब एक दर्जन जगहों पर स्वागत समारोह और जनसभाएं हुईं। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और यात्रा को समर्थन दिया।
सिधौली में टोल प्लाजा से चौराहों तक पहुंची यात्रा
बृहस्पतिवार को यात्रा सीतापुर की सिधौली विधानसभा पहुंची। यहां इटौजा टोल प्लाजा, मास्टरबाग चौराहा, ऊंचा खेड़ा अजै, पहाड़पुर समेत कई जगहों पर स्वागत कार्यक्रम हुए। जनसभाओं में कौशल किशोर ने समान शिक्षा व्यवस्था को लेकर पारख महासंघ की मांगों को सामने रखा।

पाठ्यक्रम में नशे के नुकसान की जानकारी की मांग
कौशल किशोर ने कहा कि पारख महासंघ देशभर में एक समान शिक्षा प्रणाली लागू करने की मांग कर रहा है। उनका कहना है कि पाठ्यक्रम में नशे से होने वाले नुकसान की जानकारी शामिल होनी चाहिए। बच्चों को शुरुआती स्तर से ही बताया जाए कि नशे का असर उनके जीवन के साथ सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर किस तरह पड़ता है।
बच्चों को अपराध और कानून की जानकारी देने पर जोर
उन्होंने अपराध मुक्त शिक्षा की भी मांग रखी। इसके तहत बच्चों को कम उम्र से ही अलग-अलग अपराधों और उनमें मिलने वाली कानूनी सजा की जानकारी देने की बात कही। उनका कहना है कि इससे बच्चों में अपराध से दूर रहने की सोच विकसित करने में मदद मिलेगी।

स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को पाठ्यक्रम में जगह देने की मांग
कौशल किशोर ने स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के पराक्रम और बलिदान को भी शिक्षा के पाठ्यक्रम में उचित जगह देने की मांग की। उनका कहना है कि इससे नई पीढ़ी को देश के लिए किए गए संघर्ष और बलिदान की जानकारी मिलेगी।
9 अक्टूबर को बाराबंकी पहुंचेगी यात्रा
मोहान विधानसभा के बाद सिधौली में भी आत्मसम्मान यात्रा को समर्थन मिला। पारख महासंघ के बैनर तले चल रही यह यात्रा समान शिक्षा व्यवस्था, नशा मुक्त शिक्षा और अपराध मुक्त शिक्षा की मांग को लेकर जनसभाएं कर रही है। यात्रा का अगला पड़ाव 9 अक्टूबर को बाराबंकी होगा।






