Uttarakhand

देहरादून में सजा सेब महोत्सव : मुख्य सचिव ने सुझाया किसानों की कमाई बढ़ाने का नया रास्ता

सेब से ब्रांड तक बाजार और स्टोरेज पर दिया जोर, कीवी और सब्जियों को भी बेहतर बाजार दिलाने पर फोकस, कोल्ड स्टोरेज नेटवर्क बढ़ाने की तैयारी, ट्रेसेबिलिटी और ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन से उत्पादों की पहचान मजबूत करने पर जोर

राजकिशोर तिवारी

देहरादून, 8 अक्टूबर 2026:

उत्तराखंड में किसानों की आय बढ़ाने के लिए अब सिर्फ उत्पादन बढ़ाने के बजाय बाजार, स्टोरेज और ब्रांडिंग पर फोकस किया जा रहा है। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि Farmer Producer Organizations यानी FPO को केवल किसानों को जोड़ने वाली संस्था के तौर पर नहीं, बल्कि मजबूत और आत्मनिर्भर कारोबारी संस्था के रूप में विकसित करना जरूरी है।

सेब महोत्सव में उत्पादों की परखी गुणवत्ता

मुख्य सचिव ने बृहस्पतिवार को नाबार्ड कार्यालय में एफपीओ की ओर से आयोजित सेब महोत्सव 3.0 का शुभारंभ किया। उन्होंने अलग-अलग एफपीओ की ओर से लगाए गए स्टॉल पर सेब की विभिन्न प्रजातियों, कीवी, सब्जियों और दूसरे कृषि उत्पादों को देखा। उन्होंने किसानों और एफपीओ प्रतिनिधियों से उत्पादों की गुणवत्ता, मार्केटिंग और उन्हें बाजार तक पहुंचाने में आ रही दिक्कतों की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने कहा कि कृषि और बागवानी उत्पादों के लिए खरीद, मार्केटिंग और ब्रांडिंग की बेहतर व्यवस्था पर काम करना होगा। उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता को मजबूत कर उन्हें सही बाजार और बेहतर कीमत से जोड़ना जरूरी है।

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कोल्ड स्टोरेज बढ़ेंगे तो किसानों को मिलेगा बेहतर दाम

मुख्य सचिव ने कृषि उत्पादों को सुरक्षित रखने के लिए Cold Storage Network का विस्तार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने के लिए स्टोरेज की सुविधाएं बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने उत्पाद की गुणवत्ता और उसके स्रोत की जानकारी को पारदर्शी बनाने के लिए Traceability System विकसित करने की बात कही। जैविक उत्पादों को बाजार में अलग पहचान दिलाने के लिए Organic Certification की प्रक्रिया को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया।

FPO को मजबूत करने के लिए नाबार्ड और सरकार साथ काम करें

मुख्य सचिव ने कहा कि एफपीओ को लंबे समय तक मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए नाबार्ड और राज्य सरकार की योजनाओं के बीच बेहतर तालमेल होना चाहिए। इसके लिए ऐसा सिस्टम तैयार किया जाए, जिसमें अलग-अलग योजनाओं और उपलब्ध संसाधनों को जोड़कर किसानों तक ज्यादा से ज्यादा फायदा पहुंचाया जा सके। उन्होंने सरकार, नाबार्ड, संबंधित विभागों, एफपीओ, किसानों और दूसरे स्टेकहोल्डर्स के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया।

कृषि और बागवानी उत्पादों पर सरकार का फोकस

उनका कहना था कि इससे उत्तराखंड के कृषि और बागवानी उत्पादों को बेहतर बाजार मिल सकेगा और किसानों को अपने उत्पाद की बेहतर कीमत मिलने की संभावना बढ़ेगी। कार्यक्रम में सचिव डॉ. एसएन पाण्डेय, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक पंकज यादव, महाप्रबंधक शशि कुमार समेत नाबार्ड के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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