
देहरादून, 9 जुलाई 2026:
उत्तराखंड सरकार के पांच साल पूरे होने पर चलाए जा रहे सेवा पखवाड़ा के तहत प्रदेशभर में बड़े स्तर पर जनसेवा शिविर लगाए गए। सेवा, सुशासन और समर्पण थीम के साथ चल रहे इस अभियान का मकसद सरकारी योजनाओं को सीधे लोगों तक पहुंचाना रहा। जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के तहत दूरदराज के गांवों में भी प्रशासन पहुंचा और एक ही जगह पर अलग-अलग विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। पूरे प्रदेश में हजारों लोगों ने इन शिविरों में हिस्सा लिया, जबकि बड़ी संख्या में पात्र लोगों को मौके पर ही सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिला।
एक ही जगह मिले कई विभाग, लोगों के बचे चक्कर
इन शिविरों में लोगों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। स्वास्थ्य, कृषि, उद्यान, पशुपालन, उद्योग, स्वरोजगार, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, ग्राम्य विकास, शिक्षा, राजस्व, बिजली, पेयजल, खाद्य आपूर्ति, आयुष, सेवायोजन, डेयरी, मत्स्य और सहकारिता समेत कई विभागों ने अपने स्टॉल लगाए। अधिकारियों ने लोगों को योजनाओं की जानकारी दी और पात्र लोगों को मौके पर ही लाभ देना शुरू किया। इससे ग्रामीण इलाकों के लोगों को सबसे ज्यादा राहत मिली।
Health Checkup से लेकर Pension तक, कई सेवाएं मिलीं साथ-साथ
जनसेवा शिविरों में स्वास्थ्य जांच, मुफ्त दवाओं का वितरण, आधार कार्ड से जुड़े काम, जरूरी प्रमाण पत्र, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, महालक्ष्मी किट, कृषि और बागवानी से जुड़ी मदद, पशुपालन योजनाएं, रोजगार पंजीकरण, छात्रवृत्ति और किसानों के लिए चल रही योजनाओं की सुविधा एक ही जगह उपलब्ध कराई गई। इससे लोगों का समय भी बचा और सरकारी दफ्तरों के कई चक्कर लगाने की जरूरत भी नहीं पड़ी।

कई मामलों में मौके पर मिला समाधान
शिविरों में सिर्फ योजनाओं का लाभ ही नहीं दिया गया बल्कि लोगों की समस्याएं भी सुनी गईं। पूरे प्रदेश में कुल 415 शिकायतें और आवेदन मिले। इनमें से 179 से ज्यादा मामलों का समाधान मौके पर ही कर दिया गया। बाकी शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजते हुए समय पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से साफ कहा गया कि हर शिकायत का तय समय में समाधान होना चाहिए ताकि लोगों को दोबारा परेशान न होना पड़े।
कई जिलों में लगा बड़ा जनसेवा अभियान
अल्मोड़ा, बागेश्वर, टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी, चमोली, चम्पावत, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर समेत कई जिलों में अलग-अलग जगहों पर जनसेवा शिविर लगाए गए। हर जिले में स्थानीय जरूरतों के हिसाब से विभागों ने लोगों को योजनाओं की जानकारी दी। कई स्थानों पर विकास प्रदर्शनी और जनजागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग सरकारी योजनाओं से जुड़ सकें।

हरिद्वार और बाजपुर में सबसे ज्यादा भीड़
प्रदेशभर में आयोजित शिविरों में करीब 5300 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। इनमें 4470 से अधिक पात्र लोगों को अलग-अलग योजनाओं का लाभ मिला। हरिद्वार में करीब 1130 लोगों ने शिविर का फायदा उठाया, जिनमें 386 लाभार्थी रहे। ऊधम सिंह नगर के बाजपुर में लगभग 1150 लोग पहुंचे और इनमें 951 लोगों को योजनाओं का सीधा लाभ मिला। अल्मोड़ा में करीब 1300, नैनीताल में 510, चम्पावत में 440, बागेश्वर में 205, उत्तरकाशी में 185, पौड़ी में 128, जबकि चमोली के कर्णप्रयाग और कनोल क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में लोगों ने भागीदारी की।
महिला, किसान और युवाओं पर रहा खास फोकस
शिविरों में महिला सशक्तिकरण, किसानों की आय बढ़ाने, स्वरोजगार, ग्रामीण विकास और युवाओं को रोजगार से जोड़ने वाली योजनाओं पर खास जोर दिया गया। कृषि और पशुपालन में नई तकनीक अपनाने, छोटे उद्योग शुरू करने और सरकारी मदद लेने की जानकारी भी लोगों को दी गई। कई जगह ऐसे लोगों को सम्मानित किया गया जिन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपना रोजगार शुरू किया या बेहतर काम किया। लाभार्थियों ने मंच से अपने अनुभव भी साझा किए।

जनप्रतिनिधियों ने भी लिया फीडबैक
कई जिलों में सांसद, विधायक, आयोग और परिषदों के अध्यक्ष, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों ने शिविरों का निरीक्षण किया। उन्होंने लाभार्थियों से सीधे बात कर यह जानने की कोशिश की कि योजनाओं का फायदा सही लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे और जिन लोगों को अभी तक लाभ नहीं मिला है, उन्हें भी जल्द जोड़ा जाए।
योजनाओं की जानकारी पहुंचाने पर भी रहा जोर
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग ने भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई। विभाग की ओर से अलग-अलग जिलों में सरकार की योजनाओं से जुड़ी प्रचार सामग्री और मेरी योजना पुस्तिका वितरित की गई। लोगों को बताया गया कि वे किन योजनाओं के लिए पात्र हैं, आवेदन कैसे करें और किन दस्तावेजों की जरूरत होगी। इसका मकसद यह रहा कि जानकारी के अभाव में कोई भी व्यक्ति सरकारी सुविधा से वंचित न रह जाए।
मुख्यमंत्री बोले, अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर नागरिक तक सुशासन और जनसेवा पहुंचाना है। उनके मुताबिक सेवा, सुशासन और समर्पण सिर्फ अभियान नहीं बल्कि सरकार की कार्यशैली का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जनसेवा शिविरों के जरिए दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को एक ही जगह पर कई विभागों की सेवाएं मिल रही हैं। इससे लोगों का समय और पैसा दोनों बच रहे हैं, जबकि समस्याओं का समाधान भी तेजी से हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास व योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और इसी सोच के साथ प्रदेशभर में सेवा पखवाड़ा चलाया जा रहा है।






