Uttarakhand

टिहरी की विकास योजनाओं पर मुख्य सचिव का फोकस… अधूरे काम जल्द पूरे करने की हिदायत

एडीबी परियोजना के तहत टिहरी झील क्षेत्र में छह पर्यटन क्लस्टरों की समीक्षा, जल निकासी, पेयजल और सड़क परियोजनाओं की प्रगति पर भी हुई चर्चा

टिहरी गढ़वाल, 5 जून 2026:

टिहरी गढ़वाल के विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि जिले में चल रही सभी निर्माण और अवसंरचना परियोजनाओं को तय समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों और सार्वजनिक सुविधाओं की मरम्मत में तेजी लाने पर भी जोर दिया।

जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में पेयजल, सीवर और जल निकासी जैसी बुनियादी सेवाओं की स्थिति पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यटन क्षेत्रों में बढ़ती जरूरतों को देखते हुए स्थायी समाधान तैयार किए जाएं और जल जीवन मिशन समेत सभी पेयजल योजनाओं की नियमित निगरानी की जाए।

बैठक में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने जिले की प्रशासनिक व्यवस्था और विकास कार्यों का ब्यौरा रखा। सड़क नेटवर्क, मोटरेबल पुलों और लोक निर्माण विभाग की प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। कुम्भ मेला से जुड़ी 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली नरेंद्रनगर- किनवानी- नीरगढ़ सेक्शन रोड के पुनर्निर्माण और सुधार कार्य की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि इसकी निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मुख्य सचिव ने काम जल्द शुरू कर पूरा करने को कहा। रामझूला सेतु के सुदृढ़ीकरण और सुरक्षा कार्यों की भी समीक्षा की गई।

पीएमजीएसवाई फेस-4 के तहत स्वीकृत सड़कों और बाढ़ व आपदा से प्रभावित मार्गों की मरम्मत की स्थिति पर भी चर्चा हुई। सिंचाई विभाग ने नहरों, नलकूपों और लिफ्ट सिंचाई योजनाओं की प्रगति रखी, जबकि क्षतिग्रस्त नहरों को लेकर मुख्य सचिव ने अलग से जानकारी ली।

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मुनि की रेती क्षेत्र में 40 करोड़ रुपये की वर्षा जल निकासी परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि चंद्रभागा नदी में बाढ़ सुरक्षा के लिए अतिरिक्त उपचारात्मक कार्यों की जरूरत है। नदी तल का स्तर बढ़ने को इसके पीछे प्रमुख वजह बताया गया।

नई टिहरी में राजकीय पॉलिटेक्निक के निर्माण कार्य को जल्द शुरू करने के निर्देश भी दिए गए। इसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। नई टिहरी मालरोड के सौंदर्यीकरण और फसाड कार्यों की प्रगति भी बैठक में रखी गई। जल जीवन मिशन के तहत हिंडोलखाल, मणि, चौरास, भरपूर, गजा, तपोवन नगर, कांडी ग्राम समूह, जलकुर और मुनि की रेती पंपिंग योजना समेत कई परियोजनाओं की समीक्षा हुई। देवप्रयाग और कीर्तिनगर क्षेत्र में नई पंपिंग योजनाओं की जरूरत भी बैठक में उठाई गई। नरेंद्रनगर सीवर लाइन योजना में 55 प्रतिशत भौतिक प्रगति होने की जानकारी अधिकारियों ने दी।

पर्यटन क्षेत्रों में बढ़ती जल मांग और रखरखाव के लिए सीमित बजट को बड़ी चुनौती बताया गया। जिले में एसटीपी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और होटलों के लिए ग्रीन रेटिंग प्रणाली की स्थिति पर भी चर्चा हुई।
मुख्य विकास अधिकारी ने जिले में फार्म बेस्ड और नॉन-फार्म गतिविधियों की जानकारी दी। ऋषिकेश और चम्बा में फूड कार्ट व सड़क किनारे ईटरी विकसित किए जा रहे हैं।

प्रभागीय वनाधिकारी नरेंद्रनगर ने ग्रामोत्थान परियोजना के तहत 131 क्विंटल पिरूल संग्रहण की जानकारी दी। मुख्य विकास अधिकारी ने प्रत्येक ब्लॉक में चल रहे माई ब्लॉक माई लाइब्रेरी कार्यक्रम की प्रगति भी साझा की। बैठक में कृषि, उद्यान, मत्स्य, खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य विभागों की योजनाओं के साथ सामने आ रही चुनौतियों पर भी चर्चा हुई।

इससे पहले भागीरथीपुरम स्थित टीएचडीसी गेस्ट हाउस में एडीबी परियोजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने टिहरी झील क्षेत्र में सतत और जलवायु अनुकूल पर्यटन विकास के लिए डोबरा चांटी, तिवाड़ गांव, कोटि कॉलोनी, नई टिहरी, मदन नेगी और लेक क्लस्टर से जुड़े प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी। बैठक में सचिव लोक निर्माण विभाग पंकज पांडेय, एसएसपी श्वेता चौबे, एडीएम शैलेंद्र नेगी, आईएएस प्रशिक्षु ज्योति समेत सभी जिलास्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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