लखनऊ में बाढ़ का कहर : नवरात्र पर नहीं होंगे मां चंद्रिका देवी के दर्शन, इकाना की पार्किंग डूबी, फैजुल्लागंज में 40 हजार घरों में पानी
गोमती का जलस्तर लगातार 12वें दिन बढ़ा, बाढ़ के चलते बंद रहेंगे मां चंद्रिका देवी मंदिर के कपाट, रिवर फ्रंट अभी भी जलमग्न, पलायन को मजबूर लोग, ट्रैक्टर से पहुंचाई जा रही राहत सामग्री, मंत्री एके शर्मा ने प्रभावित इलाकों का लिया जायजा

लखनऊ, 10 अक्टूबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में गोमती नदी की बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शनिवार को लगातार 12वें दिन नदी का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में हालात गंभीर बने हुए हैं। फैजुल्लागंज व दाउदनगर क्षेत्र में करीब 40 हजार घरों में बाढ़ का पानी भरने की सूचना है। लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हैं। बाढ़ की मार धार्मिक स्थलों से लेकर खेल परिसर और सार्वजनिक स्थलों तक पर पड़ी है। नवरात्र में पहली बार श्रद्धालु मां चंद्रिका देवी के दर्शन नहीं कर सकेंगे जबकि इकाना स्टेडियम की पार्किंग पानी में डूबी हुई है।
नवरात्र में मां चंद्रिका देवी के दर्शन पर रोक
गोमती की बाढ़ का पानी मां चंद्रिका देवी मंदिर परिसर के चारों ओर भरा हुआ है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए शारदीय नवरात्र के दौरान मंदिर के कपाट बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इस बार अमावस्या का मेला भी नहीं लगेगा। मां चंद्रिका देवी मेला विकास समिति और पुलिस-प्रशासन की संयुक्त बैठक में दुकानदारों की बात सुनने के बाद यह फैसला लिया गया।

समिति के अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने श्रद्धालुओं से घर पर ही घट स्थापना कर पूजा-अर्चना करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पानी कम होने और मंदिर तक पहुंचने के रास्ते खुलने पर स्थिति की समीक्षा कर आगे का निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, हनुमत धाम मंदिर भक्तों के लिए खुला है। महंत रामसेवक के मुताबिक मंदिर में पूजा-पाठ जारी है लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर गोमती की ओर जाने वाला गेट बंद रहेगा।
इकाना की पार्किंग जलमग्न, पंप से निकाला जा रहा पानी
बाढ़ का असर इकाना स्टेडियम तक पहुंचा हुआ है। स्टेडियम की पार्किंग में पानी भरने के बाद पंप लगाकर जलनिकासी की जा रही है। जलस्तर बढ़ने की आशंका को लेकर लोगों ने चिंता जताई है। दूसरी ओर फीनिक्स पलासियो के सामने जलभराव खत्म हो गया है लेकिन ट्रिपल आईटी, शौर्य वाटिका और वेटलैंड अब भी बंद हैं। इनके प्रवेश द्वारों पर ‘नो एंट्री’ के बैनर लगाए गए हैं। गोमती रिवर फ्रंट पूरी तरह जलमग्न है। पार्क में नाव चल रही है।

फैजुल्लागंज में संकट, नाव से प्रदर्शन और ट्रैक्टर से राहत
फैजुल्लागंज में हालात अब भी चिंताजनक हैं। नाराज लोगों ने नाव पर बैठकर ‘मेयर गायब’ के पोस्टर के साथ प्रदर्शन किया। जलभराव के कारण प्रभावित बस्तियों तक पहुंचना मुश्किल है इसलिए ट्रैक्टर के जरिए लोगों को भोजन और पीने का पानी पहुंचाया जा रहा है।
इस बीच नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने शनिवार को फैजुल्लागंज-दाउदनगर का निरीक्षण कर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और राहत सामग्री बांटी। उन्होंने अधिकारियों को भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयां और जरूरी सामान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। राहत शिविरों में चिकित्सा सुविधाओं और साफ-सफाई की व्यवस्था का भी जायजा लिया गया।

उधर, सीतापुर में गोमती का जलस्तर घटने के बाद लखनऊ में भी अगले दो-तीन दिनों में राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। फिलहाल, राजधानी के बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की मुश्किलें बरकरार हैं।






