Navaratri पर योगी का संदेश : 2017 से पहले महिला सुरक्षा पर उठते थे सवाल, अब 44 हजार पुलिसकर्मी संभाल रहीं मोर्चा
मिशन शक्ति से सेफ सिटी तक, महिला सुरक्षा के तंत्र को मजबूत करने का दावा, सीएम बोले- दृढ़ इच्छाशक्ति से असंभव लक्ष्य भी किए जा सकते हैं हासिल

लखनऊ, 12 अक्टूबर 2026:
शारदीय नवरात्रि की द्वितीया पर सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना के साथ महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण के मुद्दे पर प्रदेश की तस्वीर पेश की। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले और उसके बाद के उत्तर प्रदेश की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में महिला सुरक्षा के लिए बीते 9.5 वर्षों में कई स्तरों पर काम किया गया है। उन्होंने महिला पुलिस बल की संख्या में बढ़ोतरी से लेकर मिशन शक्ति, सेफ सिटी परियोजना और महिला PAC बटालियनों के गठन तक की पहलों को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि मां ब्रह्मचारिणी के तप और संकल्प का संदेश हमें सिखाता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति से असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले महिला सुरक्षा को लेकर सवालों से घिरा रहने वाला उत्तर प्रदेश आज नारी शक्ति की सुरक्षा और सामर्थ्य की नई पहचान बना है।
सीएम के मुताबिक अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति, तकनीक आधारित निगरानी, पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जन-जागरूकता अभियानों ने महिलाओं के लिए भयमुक्त वातावरण बनाने में भूमिका निभाई है। मिशन शक्ति के पांच चरणों, सेफ सिटी परियोजना, मिशन शक्ति केंद्रों और महिला बीट पुलिसिंग को महिला सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा बताया।
10 हजार से बढ़कर 44 हजार के पार पहुंचा महिला पुलिस बल
मुख्यमंत्री ने महिला पुलिसकर्मियों की संख्या में बढ़ोतरी का उल्लेख करते हुए बताया कि 20 प्रतिशत आरक्षण के साथ प्रदेश में महिला पुलिस कार्यबल 10,000 से बढ़कर 44,000 से अधिक हो गया है। उनके अनुसार, महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी पासी, गोरखपुर में वीरांगना झलकारी बाई कोरी और बदायूं में वीरांगना अवंतीबाई लोधी के नाम पर तीन महिला PAC बटालियनों का भी गठन किया गया है।
माँ ब्रह्मचारिणी के तप और संकल्प से सिद्धि का मंत्र हमें सिखाता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति से असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी सिद्ध किए जा सकते हैं।
वर्ष 2017 से पहले महिला सुरक्षा को लेकर सवालों से घिरा रहने वाला उत्तर प्रदेश, आज नारी शक्ति के सुरक्षा और सामर्थ्य की नई पहचान बना है।
विगत 9.5 वर्षों में अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति, तकनीक आधारित निगरानी, पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जन-जागरूकता अभियानों ने प्रदेश में महिलाओं के लिए भयमुक्त वातावरण के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाई है।
मिशन शक्ति के पांच चरणों, सेफ सिटी परियोजना, मिशन शक्ति केंद्रों और महिला बीट पुलिसिंग जैसी पहलों ने महिला सुरक्षा के तंत्र को व्यापक और सुदृढ़ आधार प्रदान किया है।
20% आरक्षण के साथ उत्तर प्रदेश महिला पुलिस कार्यबल 10,000 से बढ़कर 44,000 से अधिक हुआ है। साथ ही, लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी पासी, गोरखपुर में वीरांगना झलकारी बाई कोरी और बदायूं में वीरांगना अवंतीबाई लोधी के नाम पर स्थापित 3 महिला PAC बटालियनों का भी गठन हुआ है।
प्रदेश की डबल इंजन सरकार की नारी शक्ति की सुरक्षा से सशक्तीकरण की यह अहर्निश यात्रा ‘सशक्त नारी, समृद्ध उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को साकार कर रही है।
जय माता की।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 12, 2026
योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार की यह यात्रा नारी शक्ति को सुरक्षा प्रदान करने से लेकर उसे सशक्त बनाने तक के संकल्प से जुड़ी है। उन्होंने इसे ‘सशक्त नारी, समृद्ध उत्तर प्रदेश’ के लक्ष्य से जोड़ते हुए प्रदेशवासियों को नवरात्रि की भावना और मां ब्रह्मचारिणी के तप, त्याग एवं संकल्प से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश का समापन ‘जय माता की’ के उद्घोष के साथ किया।






