Uttarakhand

शिवराज सिंह चौहान से मिले धामी, कई प्रस्तावों पर बनी सहमति, उत्तराखंड में ग्रामीण सड़क कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार

ग्रामीण क्षेत्रों को सड़क सुविधा से जोड़ने की दिशा में बड़ी पहल, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण में 315 मार्गों को मिलेगी स्वीकृति, 32 सेतुओं के निर्माण पर 182 करोड़ रुपये होंगे खर्च

देहरादून, 13 अक्टूबर 2026ः

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। इस दौरान उत्तराखंड में ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूत करने और रफ्तार देने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण (PMGSY-IV) के तहत कई प्रस्तावों पर सहमति बनी। केंद्रीय मंत्री ने प्रस्तावों पर शीघ्र स्वीकृति देने का आश्वासन दिया। साथ ही सेतु निर्माण के प्रस्तावों की स्वीकृति के संबंध में भी चर्चा हुई।

2,708 करोड़ के कार्यों को स्वीकृति देने पर बनी सहमति

सीएम धामी ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों, पर्वतीय क्षेत्रों में आवागमन की चुनौतियों और ग्रामीण आबादी की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के अंतर्गत राज्य द्वारा व्यापक स्तर पर सड़क एवं सेतु निर्माण के प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे गए हैं।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के तहत उत्तराखंड के लिए 315 मार्गों के निर्माण के लिए 2,526 करोड़ की लागत के प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए हैं। मार्गों की लंबाई 1,777 किमी.है। इसके अतिरिक्त, इन प्रस्तावों के अंतर्गत 32 सेतुओं के निर्माण के लिए 182 करोड़ रुपये की लागत प्रस्तावित है। इस प्रकार सड़क एवं सेतु निर्माण से संबंधित इन कार्यों की कुल लागत 2,708 करोड़ रुपये है। बैठक में 315 मार्गों व 32 सेतुओं से संबंधित कार्यों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने पर सहमति बनी।

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610 बसावटों को सड़क संपर्क से जोड़ने का लक्ष्य

सीएम ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पर्यटन, कृषि और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने का महत्वपूर्ण आधार है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण अनेक ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क का विशेष महत्व है। ऐसे में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क नेटवर्क का विस्तार राज्य की विकास प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित सड़क परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश की 610 बसावटों को सड़क संपर्क से जोड़ने का लक्ष्य है।

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इन क्षेत्रों में सड़क सुविधा उपलब्ध होने से स्थानीय निवासियों को दैनिक आवागमन में सहूलियत मिलेगी। विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने, मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने और ग्रामीणों को रोजगार एवं आजीविका के अवसरों से जुड़ने में मदद मिलेगी। सड़क संपर्क बेहतर होने से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी। स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति व्यवस्था सुदृढ़ होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार व उद्यमिता की संभावनाओं को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इसके साथ ही पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों तक पहुंच आसान होने से स्थानीय पर्यटन गतिविधियों और उनसे जुड़े व्यवसायों को भी लाभ मिलने की संभावना है।

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अन्य प्रस्तावों पर भी हुई दोनों के बीच हुई चर्चा

केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के दौरान उत्तराखंड में ग्रामीण सड़क नेटवर्क के विस्तार से संबंधित अतिरिक्त प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। धामी ने राज्य की आवश्यकताओं से अवगत कराते हुए बताया कि प्रदेश में ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए आगे भी व्यापक स्तर पर कार्य किए जाने की आवश्यकता है। इस क्रम में 213 अतिरिक्त सड़क कार्यों के प्रस्ताव, जिनकी कुल लंबाई 1,360 किलोमीटर है, पर भी चर्चा की गई। शिवराज सिंह चौहान ने इन प्रस्तावों पर भी शीघ्र स्वीकृति के लिए विचार करने का आश्वासन दिया।

सीमांत क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी

सीएम ने कहा कि उत्तराखंड के अनेक गांव प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत, कृषि एवं स्थानीय उत्पादों की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। बेहतर सड़क संपर्क इन क्षेत्रों की क्षमताओं को विकसित करने में सहायक होगा। सड़क सुविधा मजबूत होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसरों से जोड़ने, ग्रामीण पर्यटन को प्रोत्साहित करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में सड़क संपर्क की उपलब्धता आपातकालीन परिस्थितियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचे और भौगोलिक कठिनाइयों के कारण कोई भी गांव बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहे।

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Anurag Chaturvedi

अनुराग चतुर्वेदी पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता, लेखन और संपादन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए खबरों को निष्पक्षता और गहराई के साथ जनता के सामने रखा है।

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