
योगेंद्र मलिक
देहरादून, 2 जुलाई 2026:
मानसून के बीच संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र पहुंचकर पूरे उत्तराखंड में चल रही राज्य स्तरीय Monsoon Mock Drill की मॉनिटरिंग की। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग जिलों से मिल रही रिपोर्ट की समीक्षा की, अफसरों से फीडबैक लिया और आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों को परखा।
प्रदेश के सभी 13 जिलों में कुल 66 स्थानों पर एक साथ मॉक ड्रिल कराई गई। इनमें बड़ी संख्या ऐसे स्थानों की रही, जहां पहली बार इस तरह का अभ्यास हुआ। इसका मकसद अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल, मौके पर पहुंचने की रफ्तार, Disaster Response सिस्टम की क्षमता, राहत-बचाव की तैयारी को जांचना था।

अभ्यास के दौरान कई जगह भूस्खलन, अतिवृष्टि समेत दूसरी आपदा जैसी परिस्थितियां तैयार की गईं। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवा समेत संबंधित एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव का अभ्यास किया। जिला आपदा नियंत्रण कक्षों से लेकर राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र तक संचार व्यवस्था भी परखी गई।
मुख्यमंत्री धामी ने साफ कहा कि मानसून के दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग पूरी सतर्कता के साथ काम करें। उन्होंने अफसरों को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने के निर्देश देते हुए कहा कि राहत-बचाव के काम में एक मिनट की भी देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखने, मौसम विभाग की चेतावनियों पर तुरंत कार्रवाई करने, आम लोगों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखने के निर्देश भी दिए। मॉक ड्रिल के दौरान आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक, राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रुहेला, आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र में मौजूद रहे।






