देहरादून, 25 जुलाई 2026:
उत्तराखंड में वन्यजीव संरक्षण को स्थानीय लोगों की आजीविका से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य में Wildlife Tourism को बढ़ावा देने के लिए ठोस प्लान तैयार किया जाए, ताकि जंगलों और वन्यजीवों के संरक्षण के साथ गांवों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो सके। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखते हुए सभी योजनाओं को आगे बढ़ाया जाए।
मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने पर सबसे ज्यादा फोकस
सचिवालय के विश्वकर्मा भवन में हुई राज्य वन्यजीव बोर्ड की 23वीं बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं कम करने के लिए आधुनिक तकनीक के साथ लोगों की भागीदारी भी बढ़ाई जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी सभी शर्तों का सख्ती से पालन कराया जाए और प्रभावित परिवारों को तय मानकों के मुताबिक समय पर मुआवजा दिया जाए।
बहादुरी दिखाने वालों को मिलेगा सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति मानव-वन्यजीव संघर्ष के दौरान किसी दूसरे की जान बचाने के लिए साहस का परिचय देता है तो ऐसे लोगों को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाए। उनका कहना था कि वन्यजीव संरक्षण के साथ आम लोगों का भरोसा भी मजबूत होना जरूरी है।
कैमरा ट्रैप, ड्रोन और AI तकनीक का बढ़ेगा इस्तेमाल
बैठक में बताया गया कि राज्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए Quick Response Team (QRT), कैमरा ट्रैप, ड्रोन, सर्प बचाव किट और सोलर लाइट जैसी व्यवस्थाएं पहले से लागू हैं। अब AI आधारित निगरानी प्रणाली को भी और मजबूत किया जाएगा। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने के साथ वन कर्मियों को जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।

कई विकास परियोजनाओं को मिली आगे बढ़ने की मंजूरी
बैठक में राजाजी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में गैस पाइपलाइन सहित सड़क, आईटीबीपी इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑप्टिकल फाइबर केबल जैसी जनहित की परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई। जरूरी शर्तों के साथ इन प्रस्तावों को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति के पास भेजने की मंजूरी दी गई।
Tiger Conservation पर भी बनी रणनीति
इसके बाद हुई राज्य स्तरीय बाघ संचालन समिति की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैव विविधता और वन्यजीव संपदा के लिहाज से देश के अहम राज्यों में शामिल है। उन्होंने वन्यजीव कॉरिडोर के संरक्षण, प्राकृतिक जल स्रोतों और चारागाहों के विकास, वनाग्नि प्रबंधन और वैज्ञानिक तरीके से वन्यजीव संरक्षण को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
कुंभ के दौरान QRT रहेगी तैनात
मुख्यमंत्री ने हरिद्वार कुंभ के दौरान मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए QRT की तैनाती करने के निर्देश भी दिए। बैठक में कॉर्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व के लिए Tiger Protection Force के गठन, पर्यावरण अनुकूल सफारी वाहनों को बढ़ावा देने, फील्ड स्टाफ के लिए विशेष प्रोत्साहन और वन्यजीव अपराधों की प्रभावी जांच की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई।
बैठक में वन मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक दीवान सिंह बिष्ट, उत्तराखंड जनजाति सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष गीताराम गौड़, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक हॉफ कपिल लाल, एडीजी एपी अंशुमन, सचिव सी रविशंकर, प्रमुख वन संरक्षक नीना ग्रेवाल समेत वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।






