लखनऊ, 25 जुलाई 2026:
आगामी श्रावण मास, कांवड़ यात्रा और विभिन्न धार्मिक एवं राष्ट्रीय पर्वों को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। शुक्रवार देर शाम शासन स्तर पर आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने प्रदेश के सभी पुलिस आयुक्तों, मंडलायुक्तों, डीएम और एसएसपी के साथ कानून व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं की तैयारियों का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक सीमित आयोजन नहीं रह गई है। इसमें रुहेलखंड, ब्रज, बुंदेलखंड, अवध, पूर्वांचल और पूरे प्रदेश में लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। इसलिए सभी जिलों में व्यवस्थाओं का स्तर एक समान और प्रभावी होना चाहिए। उन्होंने मेरठ जोन की कार्ययोजना को प्रदेश के सभी पुलिस जोनों के साथ साझा करने के निर्देश दिए जिससे बेहतर प्रबंधन का मॉडल पूरे उत्तर प्रदेश में लागू किया जा सके।
सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ संघों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें, शिविर संचालकों का समय से सत्यापन पूरा करें और यात्रा मार्गों की अग्रिम समीक्षा कर सभी कमियों को पहले ही दूर कर लें। हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखंड के अधिकारियों तथा कांवड़ संघों के साथ समन्वय स्थापित कर निर्धारित ऊंचाई के मानकों का भी पालन सुनिश्चित कराया जाए।
उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पूरी तरह सुरक्षित और सुगम होने चाहिए। क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए। मार्गों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और सफाई की समुचित व्यवस्था रहे। प्रमुख घाटों पर महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम बनाए जाएं तथा सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली से आवश्यक सूचनाओं के साथ भजन-संगीत का प्रसारण किया जाए। स्वास्थ्य विभाग को पूरी तैयारी रखने, चिकित्सा शिविर प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा एंटी वेनम और एंटी रैबीज इंजेक्शन सहित आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने खाद्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए यात्रा मार्ग पर मांस एवं मदिरा की दुकानें बंद रखने, खाद्य पदार्थों में मिलावट, गंदगी और ओवररेटिंग पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। प्रत्येक दुकान पर संचालक का नाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने और डीजे की ध्वनि निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने पर भी जोर दिया गया।
उन्होंने पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने, संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी रखने, सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों का तत्काल खंडन करने तथा सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके साथ ही बढ़ते जलस्तर वाली नदियों के घाटों पर अतिरिक्त सुरक्षा, संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता और वीआईपी आवागमन के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही बाधित न होने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने राजस्व वादों के समयबद्ध निस्तारण, चकबंदी विवादों के निष्पक्ष समाधान, कोटेदारों के उत्पीड़न की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई तथा भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ खुली विजिलेंस जांच कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा बिजली उपभोक्ताओं को राहत देते हुए डिस्कॉम को ओवर बिलिंग की शिकायतों का तत्काल समाधान करने और वास्तविक बिजली खपत के आधार पर ही बिल जारी करने के निर्देश भी दिए।






